कलक्ट्रेट में बना गेहूं खरीद कंट्रोल रूम।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। लॉकडाउन के चलते कोलकाता से बारदाना उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। मौजूदा समय में उपलब्ध बारदाना 15 मई तक खत्म होने के आसार हैं। अब गेहूं खरीद के लिए जरूरी जूट के बोरे कोटेदारों से खरीदने का फैसला लिया गया है। कोटेदार राशन उठान वाले बोरे खाद्य गोदाम में जमा कराएंगे।
जिले में 600 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य है। बारदाना की 900 गांठे भेजी गई। कुल चार लाख बोरे हैं। ये बोरे 15 मई तक गेहूं खरीद के लिए पर्याप्त हैं।
बारदाना की दिक्कत न हो इसके लिए राशन वितरण प्रणाली के अंतर्गत कोटेदारों से जूट के बोरे की खरीद की जाएगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि प्रति माह कोटेदारों को 1 लाख 26 हजार बोरों में आवंटित राशन वितरण के लिए दिया जाता है। वितरण में खाली बिना कटे फटे व जिनकी मरम्मत न की गई हो, ऐसे उपयोगी बोरों की खरीद की जानी है। गेहूं खरीद के लिए लगभग 4 लाख और बोरों की जरूरत है।
आयुक्त खाद्य एवं रसद की ओर से इसका आदेश दिया गया है। डीएसओ को भर अवगत कराया गया है। कोटेदारों को शासन स्तर से तय भुगतान किया जाएगा।
27 सौ मीट्रिक टन हुई गेहूं खरीद
जिले में गेहूं की खरीद अब 69 क्रय केंद्रों पर शुरू हो गई है। नए बनाए गए आठ क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की शुरुआत नहीं हो सकी है। कुल 2700 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। लक्ष्य के सापेक्ष यह खरीद साढ़े चार फीसद है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि 3600 किसानों का पंजीकरण हुआ है। इसमें 2370 किसानों का सत्यापन हो चुका है। 450 किसानों से 2700 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। प्रतिदिन गेहूं खरीद का औसत 300 से 350 मीट्रिक टन है। खरीदा गया 303 मीट्रिक टन गेहूं जैनपुर के एफसीआई के गोदाम में भेजा गया है। गुरुवार से पुखरायां के गोदाम में भी गेहूं भेजना शुरू हो जाएगा।