दीपावली पर ‘सौभाग्य’ और ‘बुद्धा तिथि’ संयोग मां महालक्ष्मी का विशेष आशीष लेकर आया है। ऐसा संयोग 131 साल पहले 1884 में पड़ा था और अब यह संयोग सन 2146 में आएगा। पंडित अतुल दुबे ने बताया कि इस दिन माता लक्ष्मी का पूजन करने वालों को तीन गुना फल प्राप्त होगा।
विशाखा नक्षत्र में माता लक्ष्मी का पूजन अति शुभ रहेगा। माता के समक्ष घी के पांच दीए जलाने और विधि-विधान से पूजा करने पर घर में महालक्ष्मी का वास होगा। पंडित दीपक पांडेय ने बताया कि बुधवार को अमावस्या सूर्योदय से रात 11:19 तक रहेगी। सूर्योदय से दोपहर 1:35 तक स्वाती नक्षत्र रहेगा। इसके बाद विशाखा नक्षत्र लगेगा।