कानपुर। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियम 2026 की अधिसूचना का स्वागत करते हुए इसे भारत के डिजिटल व्यापार तंत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक दूरगामी कदम बताया है। एक जनवरी 2027 से ये नियम लागू होगा। इन नियमों में सर्च रैंकिंग में पारदर्शिता, प्रायोजित (स्पॉन्सर्ड) लिस्टिंग का स्पष्ट खुलासा, छूट की वास्तविक जानकारी का प्रदर्शन करना होगा।
कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री पंकज अरोड़ा ने बताया कि सरकार लगातार उपभोक्ता हितों की रक्षा करते हुए व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, स्टार्टअप्स और एमएसएमई क्षेत्र को डिजिटल अर्थव्यवस्था में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कैट लंबे समय से अत्यधिक छूट (डीप डिस्काउंटिंग), अपारदर्शी एल्गोरिद्म, भ्रामक प्रचार, सर्च परिणामों में हेरफेर और चुनिंदा विक्रेताओं को प्राथमिकता दिए जाने जैसे मुद्दों को उठाता रहा है। नए नियम इन चिंताओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रदेश महामंत्री अशोक बाजपेई और कानपुर अध्यक्ष राजेंद्र सैनी ने विचार रखे। ब्यूरो