पति और खुद की मौत से पहले सोनम को मौत का सपना आया था। करीब तीन महीने पहले अपने पति की बीमारी और फिर मौत का सपना देखकर सोनम हैरान हो गई थी उसने उसी रात अपने पति को फोन करके उसका हाल-चाल लिया था।
कानपुर के चतुरीपुर गांव निवासी जीतेंद्र यादव की मौत के बाद फांसी लगाकर जान देने वाली उसकी पत्नी सोनम यादव को बस यही मलाल था कि पति की मौत के समय वह उसके पास क्यों नहीं थी। परिजनों ने बताया कि वह बार-बार कह रही थी कि अब उसके जीवित रहने का कोई मतलब ही नहीं है। लेकिन, किसी ने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया। गुरुवार को जितेंद्र और सोनम के शवों को एक ही चिता पर लिटाने के बाद अंतिम संस्कार किया गया था। ये दृश्य देख सभी की आंखें नम थींं।