नए साल के पहले दिन हिमालयी क्षेत्र से आईं उत्तर पश्चिमी हवाओं ने ठंड और गलन का माहौल बरकरार रखा। दिन का अधिकतम पारा सामान्य औसत से 4.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा। हवाओं की रफ्तार तेजी से ठिठुरन बढ़ाती रही। सीएसए की मौसम वेधशाला में लगातार सन शाइन ऑवर शून्य रिकाॅर्ड किया गया। धूप में तेजी न होने से ऐसा हुआ। मौसम विभाग का अनुमान है कि अभी कड़ाके ठंड पड़ती रहेगी।
निम्न दबाव के कारण अलग-अलग बने चक्रवाती घेरों के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की नमी माहौल में आ रही है। इससे बादल छाए हुए हैं। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि गुरुवार को बादलों के हल्का से छंटने का अनुमान है। इसके बाद शुक्रवार से नया पश्चिमी विक्षोभ आ जाएगा। इससे फिर नमी बढ़ने लगेगी और बादल आएंगे। उन्होंने बताया कि जेट स्ट्रीम हवाएं लगातार नीचे की ओर बनी हुई हैं। इससे एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ आ रहे हैं। जेट स्ट्रीम पश्चिमी विक्षोभ को खींच लाती हैं।
उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी और बारिश बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ के निकल जाने के बाद पछुवा चलने लगेगी। इससे पहाड़ों की ठंडी हवा मैदानी इलाकों में आएगी और शीतलहर तेज हो जाएगी। सीएसए के मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार सुबह सात बजे दृश्यता 700 मीटर रही लेकिन दिन चढ़ने के साथ सामान्य हो गई। कृषि मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यह मौसम चना, मटर, गेहूं, राही, सरसों आदि फसलों के लिए मुफीद है।
तापमान
अधिकतम- 15.4 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 10 डिग्री सेल्सियस