नौतपा गुजरने के एक सप्ताह के बाद शहर गर्मी से तपने लगा है। सीएसए की मौसम वेधशाला में पारा 44 डिग्री के करीब पहुंच गया। वहीं एयरफोर्स मौसम केंद्र में पारा 44 के पार हो गया। मंगलवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रिकार्ड किया गया। 2019 के बाद 10 जून को इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया। अगले दो दिन भी इसी तरह से होने वाले हैं। सुबह आठ बजे ही अब दोपहर जैसा लगने लगता है और रात के 10 बजे भी गर्म हवा के थपेड़े लू की तरह परेशान कर रहे हैं।
मौसम विभाग की शब्दावली में कहा जाए तो पिछले दो दिन से शहर गर्मी के रेड जोन में चल रहा है। अभी 12 जून तक इसी तरह रहने की संभावना है। रेड जोन की स्थिति में सुबह से ही गर्म हवाएं चलने लगती और पूरी रात ऐसी स्थिति रहती है। मंगलवार को गर्मी ने सुबह से पसीना छुड़ाना शुरू कर दिया। सीएसए की मौसम वेधशाला में सुबह आठ बजे 38 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया। इसके बाद जैसे-जैसे दिन चढ़ा हर घंटे में तापमान एक डिग्री बढ़ता गया। दोपहर बजे पारा वेधशाला में 39.9 डिग्री पर पहुंच गया।
कानपुर में भीषण गर्मी
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इसके बाद शाम चार बजे तक इसी बिंदु पर स्थिर रहा। इस दौरान तपिश ने शहरियों को बेहाल कर दिया। दोपहर में बाहर निकले लोगों को लू के थपेड़े लगे। सड़क पर आंच लगी और प्यास से होंठ सूख गए। धूल भरी हवाएं चलीं। शाम को भी लू चलती रही। सीएसए के मौसम तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2019 में 10 जून को अधिकतम तापमान 45 डिग्री रहा था। इसके बाद इस बार 10 जून को पारा अधिकतम 43.9 पर गया। यह सामान्य औसत 6.2 डिग्री अधिक है।
कानपुर में भीषण गर्मी
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न्यूनतम तापमान भी सामान्य औसत से 1.3 डिग्री अधिक रहा। विभाग ने 13 से 15 जून के मध्य बादल आने का पूर्वानुमान जारी किया है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि 12 जून तक गर्मी ऐसी ही रहेगी। तापमान में भी बढ़ोत्तरी होगी। बंगाल की खाड़ी की हवाएं अभी तराई में आ रही हैं। कानपुर परिक्षेत्र में राजस्थान के थार मरुस्थल से होकर आने वाली हवाओं का क्रम जारी है। 12 जून के बाद नई मौसम प्रणाली बनेगी।
तापमान
अधिकतम- 43.9 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 28.2 डिग्री सेल्सियस