मानसून के कानपुर पहुंचने की तिथि 20 जून है। अभी मानसून का पता नहीं है। प्रदेश में अभी तक मानसून पहुंचा है। यह अभी बिहार और पश्चिम बंगाल के आसपास कहीं ठहरा हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि अभी मानसून के पांच दिन तक हिलने की उम्मीद नहीं है। इसके साथ ही अगले पांच दिन हीट वेव जारी रहने का अनुमान भी जताया गया है। इसके जुलाई के पहले सप्ताह में आने की उम्मीद जताई जा रही है।
मानसून से देर से केरल पहुंचा था लेकिन उम्मीद लगाई जा रही थी कि हवाओं ने साथ दिया तो यह समय पहुंच गया। बीच में बन रहे मौसमी सिस्टम से प्री मानसून बारिश हुई लेकिन मानसून तेजी नहीं पकड़ पाया। पछुवा और पुरवा की खींचतान में भी मानसून अटका हुआ है।
प्रदेश के एकीकृत मौसम पूर्वानुमान केंद्र के प्रभारी और वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के कई फीचर होते हैं। लेकिन अभी ये सब कमजोर स्थिति में है। इनके मजबूत होने पर मानसून को गति मिलेगी।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. सिंह ने बताया कि पुरवा चलती हो तो मानसून को गति मिलती है। लेकिन अभी पछुवा चल रही है। उन्होंने बताया कि मानसून के गति पकड़ने पर ही इसके पहुंचने का सही आकलन किया जा सकता है। फिलहाल अभी पांच दिन हीट वेव का अनुमान है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रोद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने का अनुमान है। इससे भी मानसून को गति मिलती है। उन्होंने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून की प्रगति इस समय धीमी है। अनुकूल परिस्थितियां बनने पर इसके आगे बढ़ने की संभावना है।
56 वर्षों में मानसून की स्थिति
- 38 बार जून में आया मानसून
- 17 बार समय से पहले
- 15 बार जुलाई में आया