चक्रवाती घेरा के हटते ही पहाड़ों से आने वाली हवाएं गति पकड़ेंगी और कानपुर परिक्षेत्र समेत गंगा के मैदानी इलाकों में शीतलहर चलने लगेगी। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हिमालयी शृंखलाओं पर बर्फबारी और बारिश हो रही है। सीएसए के मौसम विभाग का अनुमान है कि सुबह और रात को कभी हल्का और कभी मध्यम कोहरा छाया रहेगा। आने वाले पांच दिनों में कड़ाके की ठंड रहेगी।
इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में पहुंच गया है और दूसरा 22 जनवरी को आने की संभावना है। शनिवार को बादलों के छंट जाने के कारण दिन में गुनगुनी धूप खिली, लेकिन सुबह धुंध और कोहरा छाया रहा। सुबह साढ़े सात बजे दृश्यता सामान्य दो किमी के स्थान पर सिर्फ 30 मीटर रही। दिन चढ़ने के साथ धुंध-कोहरा हल्का हो गया। हिमालयी हवाओं के कारण माहौल में गलन बनी रही।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मध्य भारत पर चक्रवाती घेरा बना है। इससे हवा की गति सुस्त पड़ जाती है। इसके खत्म होने पर हवाओं की गति बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि अभी बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। शनिवार को नमी का प्रतिशत 97 रहा है। न्यूनतम तापमान सामान्य के लगभग बराबर और अधिकतम तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक रहा है।
तापमान
अधिकतम- 17.8 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 9.4 डिग्री सेल्सियस