झींझक। मौसम में उतार-चढ़ाव और उमस भरी गर्मी के बीच संक्रामक और मौसमी बीमारियां बढ़ने लगी हैं। झींझक सीएचसी की ओपीडी में पिछले एक सप्ताह में मरीजों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है। अस्पताल में बुखार, उल्टी-दस्त, जुकाम और त्वचा संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं।
सामान्य दिनों में सीएचसी की ओपीडी में प्रतिदिन 180 से 200 मरीज आते थे। अब यह संख्या बढ़कर 400 से 425 तक पहुंच गई है। बुधवार को 400 के मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। ओपीडी में लंबी लाइन लगी रही। चिकित्सकों के अनुसार उमस, गर्मी और मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण और पेट संबंधी बीमारियों के मामले बढ़े हैं। मरीजों में बुखार, उल्टी-दस्त, जुकाम और खुजली की शिकायत अधिक सामने आ रही है।
सीएचसी में प्रतिदिन करीब 65 से 70 सीबीसी जांच और 25 से 30 लीवर व किडनी संबंधी जांचें की जा रही हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। सीएचसी के डॉ. शिरोमणि ने बताया कि बरसात और उमस के मौसम में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। बारिश में भीगने से बचें और गीले कपड़े तुरंत बदलें। साफ और उबला हुआ पानी का सेवन करें तथा बासी, खुले में रखे और दूषित भोजन से परहेज करें।
भोजन से पहले और शौचालय के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं। हल्के व सूती कपड़े पहनें और घर के आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी न होने दें और ओआरएस का सेवन करें। तेज बुखार, लगातार उल्टी-दस्त या अन्य गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।