शिवली। अतिवृष्टि और पांडु नदी उफनाने से मैथा तहसील क्षेत्र में करीब 13 गांव प्रभावित हुए। खेतों में लगातार पानी भरा रहा। अब पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन खेतों में पानी भरा होने और निकल रही तेज धूप के कारण फसलें सड़ने लगी हैं। आर्थिक संकट देख किसान मायूस हैं।
पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से मैथा तहसील क्षेत्र में हरदिया नाला, बकसपरवा, कैलाई, मवैया, करोम, असनी, परवा, दाई ताला, प्रतापपुर, रुदा पुर, फंदा, हृदयपुर गोकुला और पकरा समेत तेरह गांव प्रभावित हुए हैं। करीब 500 बीघा फसल बर्बाद होने का अनुमान है। इसमें धान, मक्का, बाजरा, तिल आदि फसलें प्रभावित हुई हैं। खेतों में लंबे समय तक पानी भरे रहने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
वहीं, हरा चारा भी खराब होने के कारण पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। किसानों का कहना है कि फसलें नष्ट होने के साथ ही पशुओं को खिलाने के लिए पर्याप्त हरा चारा भी उपलब्ध नहीं है। फंदा गांव के अजय पाल, छाना पाल और राजू पाल आदि ने बताया कि खेतों में लगातार पानी भरा रहने से मेहनत और लागत दोनों बर्बाद हो गई। प्रभावित फसलों का जल्द सर्वे कराने और मुआवजा दिया जाए। एसडीएम प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि लेखपालों द्वारा सर्वे कराकर जल्द ही किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।