कानपुर देहात। गांवों में पाइप लाइन से जलापूर्ति की बनाई गई व्यवस्था में कुछ लोग जुगाड़ की सेंध लगा रहे हैं। कोई पाइप लाइन में टुल्लू लगाए है तो कोई फ्लो कंट्रोल वाल्व (एफसीयू) हटाकर मुख्य पाइप से घर की टोटी जोड़ दूसरे के हक का पानी खींच रहा है। इससे दूसरी छोर पर टोटी में पानी नहीं पहुंचने की शिकायतें बढ़ीं हैं। सुचारू जलापूर्ति जलनिगम व कार्यदायी संस्था कर्मियों ने लिए चुनौती बना है।
जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल से जल कार्यक्रम में टंकी बनाकर पाइप लाइन से घरों में जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है। एक टंकी बनाने में करीब दो करोड़ से अधिक खर्च का औसत है। इधर, कई गांवों में पेयजल योजना का काम पूरा है और जलापूर्ति कर दी गई है तो व्यवस्था में सेंधमारी से जल निगम व कार्यदायी संस्था कर्मियों की परेशानी बढ़ गई है। कई गांवों में कुछ लोग नजदीक से गुजरी मुख्य पाइप लाइन में घर के कनेक्शन पर लगा फ्लो कंट्रोल वाल्व निकाल दे रहे हैं। इसके बाद सीधे पाइप लाइन जोड़ ले रहे हैं। वहीं कुछ घरों में टुल्लू पंप लगाकर मनमानी पानी खींचा जा रहा है। इतना ही नहीं कुछ गांवों में तो लगाई गई टोंटियां की तोड़ दी गई हैं। इससे जलापूर्ति होने पर पानी बहता रहता है। इससे आगे के घरों में धीमा पानी आने की शिकायतें हैं।
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बयान...
कई गांवों में शरारती तत्व टोंटी तोड़ दे रहे हैं। कोई कनेक्शन में लगे एफसीयू को निकाल कर सीधा पाइप लगाकर पानी निकाल रहा है तो कोई टुल्लू लगाकर पानी खींच रहा है। इससे सुचारू जलापूर्ति में समस्या हो रही है। दूरस्थ बिंदु के कनेक्शनों वाले घरों में पानी नहीं पहुंचने की शिकायतें आ रही हैं। कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को कनेक्शनों में छेड़छाड़ करने वालों को नोटिस देने के निर्देश दिए हैं। - टीआर कटारिया, एक्सईएन जल निगम
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फोटो-7 सट्टी में पाइप लाइन में लगा टुल्लू पंप। संवाद
केस एक :
टुल्लू पंप से खींच रहे पानी
अमरौधा ब्लॉक के सट्टी में पेयजल पाइप लाइन में मनमानी तरीके से पानी खींचने के लिए टुल्लू पंप लगा लिया गया है। टुल्लू पंप चलता है तो दूसरे घरों में पानी बेहद धीमा आता है। इसकी शिकायत लोगों ने जल निगम कर्मियों से की है।
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फोटो-8 गुरगांव में पेयजल पाइप लाइन में लगा टुल्लू पंप। संवाद
केस दो :
मलासा ब्लॉक के गुरुगांव में कई घरों में पेयजल पाइप लाइन में टुल्लू पंप लगा लिए गए हैं। जलापूर्ति होने पर तो यह टुल्लू चलते ही है। इसके बाद भी मुख्य पाइप लाइन से पानी खींच लेते हैं। इससे पाइप लाइन फटने का खतरा बना रहता है।
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इन गांवों में सामने आ रही समस्या
गुरगांव, कैलई, मीनापुर, भोगनीपुर (मलासा), सट्टी (अमरौधा), शाहजहांपुर निनाया (सरवनखेड़ा), रहनियापुर (अकबरपुर), भैसाया (रसूलाबाद)।
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प्रति व्यक्ति, प्रति दिन जलापूर्ति के नियम पर एक नजर
जल निगम के सहायक अभियंता रामचंद्र शुक्ला ने बताया कि प्रति व्यक्ति प्रति दिन 55 लीटर जलापूर्ति का नियम है। घरों में पानी के कनेक्शन में फ्लो कंट्रोल वाल्व इसलिए लगाया जाता है ताकि जरूरत के प्रेशर से ही पानी टोटी से निकल सके। वहीं मुख्य पाइप लाइन में पानी का प्रेशर बना रहता है। इससे दूसरे छोर पर घर में लगी टोंटी से भी पानी सुचारू रूप से आता है। फ्लो कंट्रोल वाल्व निकाल लिए जाने से पानी का जरूरी प्रेशर कमजोर होता है। इससे दूरस्थ छोर पर लगी टोंटी में पानी धीमा आता है या फिर कई बार नहीं आता है।