मूसानगर। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ आ गई है। क्षेत्र की चार पुलिया डूब गईं। 13 गांवों का संपर्क कट गया है। इन गांवों की करीब 12 हजार की आबादी को तीसरी बार बाढ़ की दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। इधर पोल डूबने पर कृपालपुर उपकेंद्र से जुड़े सुल्तनापुर फीडर के 12 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। ग्रामीण अंधेरे में रात गुजार रहे हैं।
यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को जलस्तर खतरे के निशान के और करीब पहुंच गया। इससे पथार गांव की ओर जाने वाली बिजली लाइन के पोल डूब गए। ट्रांसफार्मर तक पानी पहुंचने पर शनिवार देर शाम ही 12 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। यमुना नदी का जलस्तर रविवार शाम छह बजे मूसानगर गेज पर 106.28 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान से 0.72 मीटर नीचे है। यहां खतरे का निशान 107 मीटर पर है।
वहीं, कालपी गेज में नदी जलस्तर 107.39 मीटर पर पहुंच गया। यहां जलस्तर खतरे के निशान से 0.61 मीटर नीचे है। यहां खतरे का निशान 108 मीटर पर है। जलस्तर बढ़ने से यमुना और सेंगुर नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ आ गई। आढ़न-पथार, पड़ाव, नगीना बांगर, बम्हरौली घाट की पुलिया डूबी हैं। इससे आढ़न-पथार, पड़ाव, रसूलपुर, भुंडा, कुम्भापुर, नगीना बांगर, कट्टापुरवा, सूर्यपुर, बम्हरौली घाट, सिमरिया, अहरौली घाट का का संपर्क टूट गया। हालांकि शनिवार से रविवार तक जलस्तर में मामूली इजाफा हुआ है।
इधर लोग बस्ती के पास तक पानी आने से चिंतित हैं। नदी जलस्तर बढ़ने पर कृपालपुर उपकेंद्र से जुड़े सुल्तनापुर फीडर के 12 गांवों की बिजली बंद कर दी गई है। ग्रामीणों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। बाढ़ से बस्ती में जहरीले कीड़े आने और रोशनी का प्रबंध नहीं होने से लोग डरे हैं। एसडीएम भोगनीपुर देवेंद्र सिंह ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।
.........................
बस्ती में पानी घुसा तो पटरी से उतर जाएगी जिंदगी
पथार के राजेश कुमार, रविंद्र कुमार निषाद, राकेश व मोहनलाल आदि ने बताया कि इस साल तो बाढ़ ने आफत बरपाई है। अगस्त में दो बार बाढ़ आ चुकी है। अब सितंबर शुरूआत में ही यमुना का जलस्तर उफान पर है। सड़क संपर्क कटा है। नावों से ही आवागमन हो रहा है। मवेशियों के लिए चारा का संकट बना है। दूसरे गांव से चारा लाना पड़ रहा है। अब बिजली आपूर्ति भी बंद है। रात में अंधेरा रहता है तो डर लगता है कि जहरीले कीड़े जनहानि न कर दें। घर में रात भर मोमबत्ती, टार्च आदि से रोशनी रखनी पड़ती है। मोबाइल व टार्च चार्जिंग की भी समस्या है। बस्ती में पानी घुसा तो जिंदगी पटरी से उतर जाएगी।
......................
वर्जन..............
शनिवार रात से यमुना नदी का बहाव में कमी आयी है। जलस्तर ज्यादा नहीं बढ़ा है। बाढ़ के मद्देनजर एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कराई गई है। बम्हरौली घाट की पुलिया डूबी है। लेकिन बम्हरौली घाट के लोग वाया देवराहट होकर निकलने का विकल्प है। वहां पर संपर्क कटने की स्थिति नहीं है। लेखपालों को नजर बनाए रखने के लिए कहा गया है। - देवेंद्र सिंह, एसडीएम भोगनीपुर
..........................
इन 12 गांवों की बंद की गई बिजली
कृपालपुर फीडर से जुड़े 11 केवी सुल्तनापुर फीडर से बाढ़ प्रभावित आढ़न-पथार, चपरघटा, गौरी, नगीना बांगर, क्योटरा बांगर, नयापुरवा, सुल्तनापुर, अकबराबाद, बम्हरौली घाट, कट्टापुरवा समेत 12 गांवों की बिजली बंद है। इससे करीब 10 हजार की आबादी को दिक्कत हो रही है। जेई प्रमोद कुमार ने बताया कि जलस्तर कम होने पर बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।