कानपुर देहात। यमुना का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार दोपहर तक मूसानगर गेज में खतरे के निशान से 2.56 मीटर ऊपर पानी पहुंच गया। वहीं, बेहमई गेज में खतरे के निशान से 1.24 मीटर ऊपर पानी है। भोगनीपुर तहसील के 17 और सिकंदरा तहसील के 10 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अब तक 257 घरों में पानी घुस गया है। कई परिवार छतों पर डेरा डाले हैं। वहीं, कुछ ने गांव में ऊंचाई पर बसे हितैषी परिवारों के यहां शरण ले ली है। ग्रामीण आवाजाही के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं।
मूसानगर में मनकी पुल में खतरे का निशान 107 मीटर है। शुक्रवार दोपहर 12 बजे यमुना का जलस्तर 109.56 मीटर हो गया। इससे 17 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों की करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित है। पथार में 30 घरों, क्योटरा बांगर में सात, नयापुरवा में छह, मुसरिया में 10, नगर पंचायत मूसानगर के बालाजी धाम वार्ड के चन्दनापुरवा के चार घरों में पानी घुस गया है। वहीं कई घरों में दरवाजे तक पानी आ गया है। पानी से घिरने से पथार और क्योटरा बांगर टापू बन गए है।
लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार सुबह नयापुरवा पुलिया भी डूब गई। आढ़न, पथार, पड़ाव, मुसरिया, नगीना बांगर, बम्हरौली घाट पुलिया पहले ही डूब गई थी। अब क्षेत्र की सात पुलिया डूबने से आढ़न, पथार, पड़ाव, मुसरिया, चतुरीपुरवा, रसूलपुर, भुंडा, भरतौली, कुंभापुर, क्योटरा बांगर, नयापुरवा, नगीना बांगर, बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, सिमरिया, कट्टापुरवा, सूर्यपुर, चपरघटा गांव का संपर्क टूट गया।
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वर्जन..........
यमुना जलस्तर की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित गांवों में मदद पहुंचाई जा रही है। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में 8 बाढ़ चौकियां व सिकंदरा क्षेत्र में चार बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। जिन घरों में पानी घुस गया है। उन्हें ऊंचाई वाले स्थानों या फिर राहत शिविर में जाने को कहा गया है। जरूरतमंदों के लिए राहत सामग्री उपलब्ध है। इसका वितरण भी शुरू करा दिया गया है। बाढ़ से सुरक्षा एवं बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें इसके दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं। - दुष्यंत कुमार मौर्य, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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छत पर गृहस्थी रख तिरपाल से ढकी
मूसानगर। पथार में छोटे, दीनदयाल, रविंद्र, बाबू, रामसजीवन, सुरेश, हरेन्द्र, वीरन, गोविंद, मोहनलाल समेत तीस घर बाढ़ की चपेट में है। दस घर पूरी तरह से जलमग्न हैं। वहीं रामऔतार के मकान की एक मंजिल पानी में डूब गई है। सुरेश कुमार समेत कई लोगों ने गृहस्थी का सामान छत पर रखकर तिरपाल लगा लिया है। अब सुरक्षित रहने को काफी लोग छत पर डेरा डाले हैं। क्योटरा बांगर के राजेश परशुराम, बलराम, रामकान्ती समेत सात, नयापुरवा में घसीट, अर्जुन, बिहारी समेत छह व मुसरिया के सोनेलाल, बलवन्त, रामखिलावन समेत 10 घरों में दरवाजे तक पानी पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने पर इन घरों में भी पानी घुस जाएगा। (संवाद)
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मवेशियों के लिए चारा का संकट
मूसानगर। आढ़न-पथार व क्योटरा बांगर टापू बने हैं। क्योटरा बांगर गांव आगे से सेंगुर नदी व पीछे से यमुना नदी से घिर कर टापू बना है। इन गांव में दुश्वारियों का आंबर है। बिजली, पानी, खाद्यान्न, मवेशियों के लिए चारे की समस्या पैदा हो गई है। क्षेत्र में खड़ी पूरी फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई। चारे के लिए लोग दूसरे गांवों में संपर्क कर रहे है। मनमाने दाम पर चारा खरीदने को मजबूर हैं। नयापुरवा के बीनू निषाद, क्योटरा के श्रीराम, पथार के रुप सिंह, घसीटेलाल, राजेश ने बताया कि बाढ़ के कारण बिजली आपूर्ति बंद है। रात में काफी समस्या होती है। चारों तरफ से गांव पानी से घिरा हुई है वहीं रोशनी का कोई साधन न होने के कारण जहरीले कीड़ों का डर सताता है। अब दीपक या टार्च से रोशनी का सहारा है। (संवाद)
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सिकंदरा के भी 10 गांव बाढ़ से घिरे
राजपुर। यमुना जलस्तर बढ़ने से सिकंदरा तहसील क्षेत्र के जैसलपुर, महदेवा, बैजामऊ बांगर, गौहानी बांगर, बछाटी, बेहमई, गौरीरतन बांगर, कछार, भुपैय्यापुर समेत दस गांव बाढ़ की चपेट में हैं। महदेवा, बैजामऊ बांगर व गौहानी बांगर में स्थिति अधिक खराब है। इन गांवों में 200 घरों में पानी घुस गया है। दोनों गांव टापू बने हैं। बिजली के पोल आधे पानी में डूब गए हैं। एहतियात के तौर पर इन क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। मुख्य रास्तों से आवागमन बंद हो गया है। लगातार पानी बढने से ग्रामीण दहशत में है। नाव के जरिए आवागमन कर ग्रामीण घर के सामान को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। महदेवा में 250 किसानों की करीब 500 बीघा मक्का, बाजरा, कुम्हडा, कददू आदि की फसलें जलमग्न हो गई। पशु बाड़े, भूसा व कृषि यंत्र भी डूब गए हैं। लोगों का कहना है तहसील प्रशासन ने गांव में नाव की भी व्यवस्था नहीं कराई है। महदेवा व बैजामऊ बांगर में दो निजी नावों से ग्रामीण आवाजाही कर रहे हैं। (संवाद)
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सूनी पड़ी हैं बाढ़ चौकियां, नहीं है इंतजाम
राजपुर। जैसलपुर-महदेवा गांव के प्राइमरी स्कूल व बैजामऊ बांगर गांव के मिनी सचिवालय में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं, लेकिन बाढ़ चौकियों में लाइफ सेवर रिंग, लाइफ सेवर जैकेट, फर्स्ट एड किट, टार्च, खानपान सामग्री, बिस्तर व पेयजल आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। हालांकि सिकंदरा तहसीलदार राकेश चंद्रा ने बताया कि क्षेत्र में चार बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। बाढ़ चौकियाें व राहत शिविर में लेखपाल, राजस्व निरीक्षकों, ग्राम सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, प्रधान व आपदा मित्र को जिम्मेदारी दी गई है। बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण की जा रही है। (संवाद)
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राहत शिविर तो बनाए पर नहीं पहुंचाई सामग्री
राजपुर। महदेवा व बैजामऊ बांगर गांव के ऊंचे स्थान पर टेंट लगाकर राहत शिविर बनाए गए हैं। राहत शिविरों में अभी तक राहत सामग्री नहीं पहुंचाई गई है। जैसलपुर-महदेवा गांव के रामकेश, ब्रजेंद्र सिंह, ओमप्रकाश, सतीश सिंह, मुकेश, राजू ने बताया कि प्राइमरी स्कूल परिसर में टेंट से बने राहत शिविर में कुर्सी डाली गई है। यहां शुद्ध पेयजल, भोजन व बाढ़ पीड़ितों के लिए तिरपाल आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। आधा गांव बाढ़ के पानी से घिरा है। ग्रामीण अपने स्तर से पानी में डूबे राशन को निकालकर भोजन का प्रबंध कर रहे हैं। कमावेश यही हाल बैजामऊ बांगर गांव का है। यहां शुक्रवार को पूरे दिन राहत शिविर में टेंट लगाने का काम जारी रहा। गांव के रूपराम, निशा, मुकेश यादव, लाखन सिंह, सुरेश सिंह, कल्लू ने बताया कि पूरा गांव बाढ़ के पानी से घिरा है बावजूद इसके प्रशासन ने राहत सामग्री की व्यवस्था नहीं की है। (संवाद)
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गौहानी बांगर में राज्यमंत्री ने बांटी राहत सामग्री
मूसानगर के पथार में लेखपाल राजेंद्र कुमार ने शुक्रवार को करीब डेढ़ सौ बाढ़ प्रभावितों में लंच पैकेट बांटे। क्योटरा, नयापुरवा, मुसरिया, आढ़न में भी बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट बांटे गए हैं। राजस्व निरीक्षक मोहित कुमार ने बताया कि तहसील से और लंच पैकेज मंगवाए गए हैं। इन्हें जरूरमंदों में बंटवाया जाएगा। इसी प्रकार सिकंदरा के गौहानी बांगर में राज्यमंत्री अजीत पाल सिंह व एसडीएम शालिनी उत्तम ने बाढ़ पीड़ितों को खाद्य राहत सामग्री का वितरण किया। एसडीएम ने बताया कि करीब साठ परिवारों को खाद्य राहत सामग्री दी गई है। वहीं, क्योटरा व टयोंगा में 150 राशन की किट राकेश सचान के प्रतिनिधी अशोक सचान और देवेंद्र सिंह ने बांटी