बिल्हौर। महंगी लागत से तैयार खेत में किसी तरह धान की फसल तैयार करने वाले किसानों के सामने इन दिनों सिंचाई की समस्या विकराल बनी हुई है। नहरों व बंबों में पानी न होने से कई इलाकों में धान की फसल पीली पड़ गई। किसानों को अंदेशा है यदि दो चार दिनों में बारिश नहीं होती तो उनकी धान पूरी तरह सूख जाएगी।
कुरौली गांव निवासी श्यामबाबू, रामचंद्र सलेमपुर गांव निवासी किसान करुणाशंकर मिश्रा, राधेश्याम शर्मा, अरविंद अग्निहोत्री, मोहनलाल ने बताया कि इसनिचली गंग नहर में मरम्मत कार्य होने के कारण इस बार पूरे साल सिचाई के लिए इलाकाई लोग परेशान हैं। कसिगवां, भवन निवादा, उठ्ठा, मलखरा, रौंस, विषधन, कुरेह, डरेकापुरवा, मौजमपुर, फत्तेपुर, घंसीनिवादा, नदीहा, रामपुर, गढ़ेवा, रिक्खापुरवा, औरोंताहरपुर, लोधनपुरवा, गढ़रानी, अहिरानी, बैड़ी, गढ़ी, जमालपुर, चांदेताल, मनावा, वछना, दलेलपुर, ढुलमऊ आदि गांवों के किसान निचली गंग नहर से निकले रजबहों, माइनरों और सिचाई नालियों से ही अपने खेतों की सिचाई करते हैं। सिंचाई विभाग की लापरवाही से किसान डीजल पंपों से सिंचाई कर रहे हैं। कई गांवों में डीजल पंप जलस्तर नीचे जाने से पानी ही नहीं उठा पा रहे हैं।
किसानों ने बताया कि इसबार बारिश नहीं हो रही धान का सूखना तय है। एडीओ पंचायत कृषि रक्षा नरेंद्र शुक्ला ने बताया कि दिन में हो रही कड़ी धूप और बारिश के कारण धान की फसल पीली पड़ जा रही है इसलिए किसान अपने खेतों में नमी बनाए रखे।