पांच साल के भीतर नौ राज्यों में साइबर ठगी के 250 करोड़ का अवैध लेनदेन कराने के आरोपी 50 हजार के इनामी व मूल रूप से दिबियापुर औरैया निवासी राजवीर व उसके साथी शिवम सन्हा को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया। वहीं, पुलिस ने अब इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बिहार के सासाराम निवासी सुल्तान मिर्जा उर्फ अभय शुक्ला उर्फ जान सेना उर्फ वैलेंटाइन को बताया है। पुलिस उसकी तलाश में है। मिर्जा के नेपाल या फिर दुबई में छिपे होने की आशंका है।
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि राजवीर बैंक अधिकारियों के माध्यम से लोगों के म्यूल खाते खुलवाकर उनमें ठगी की रकम मंगाता था। फिर उसका अवैध लेनदेन कराता था।
गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
उस पर तीन माह पूर्व 100 करो़ड़ के अवैध लेनदेन का मामला दर्ज कर उस पर 50 हजार का इनाम रखा गया था। मंगलवार को पुलिस ने राजवीर को उसके गुजैनी निवासी साथी शिवम के साथ गिरफ्तार किया।
पुलिस ने किया घटना का खुलासा
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राजवीर के कैफे से संपर्क में आए तीनों
सीपी ने बताया कि सुल्तान मिर्जा ने कानपुर के एक कॉलेज से बीटेक और शिवम ने बैचलर ऑफ टूरिज्म किया है। राजवीर ने बैंक की नौकरी छोड़ने के बाद रतनलालनगर में एक साइबर कैफे खोला था। यहीं से राजवीर के संपर्क में सुल्तान और शिवम आए। इसके बाद तीनों ने मिलकर एमएसएमई के माध्यम से बोगस फर्म खोलकर उसके नाम पर लोगों के बैंक खाते खुलवाए।
उसमें साइबर ठगी की रकम मंगाना शुरू कर किया। इस तरह तीनों ने वर्ष 2021 से 26 के मध्य 250 करोड़ का अवैध लेनदेन किया है। इनके खिलाफ 1600 शिकायतें आई थीं। इनके करीब 124 बैंक खाते शहर की एक्सिस, यूनिटी, उत्कर्ष और सीएसबी बैंक में थे। पुलिस ने करीब चार करोड़ रुपये फ्रीज कराएं हैं।