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यूपी: निर्माणाधीन भवन की दीवार गिरी, तीन की मौत, एक घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

Mon, 01 Mar 2021 12:00 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
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सांकेतिक तस्वीर
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महोबा जिले में बिलवई चुंगी के पास प्रशासन की रोक के बाद रात में निर्माण कराए जाने के दौरान रविवार की रात निर्माणाधीन भवन की दीवार गिरने से तीन श्रमिकों की मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने एक घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शवों को मलबे से बाहर निकाला।

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डीएम समेत पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने अस्पताल पहुंच घटना की जानकारी ली और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। बिलवई चुंगी के पास सड़क किनारे भवन का निर्माण कराया जा रहा था। इसपर पुरातत्व विभाग ने रोक लगा दी थी। कुछ दिन पहले एसडीएम राजेश यादव ने नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद भवन का निर्माण कराया जा रहा था।  

रविवार की रात करीब आठ बजे दीवार के ऊपर छज्जा डालने का काम चल रहा था, जिसमें  छह मजदूर काम कर रहे थे। अचानक दीवार भरभराकर गिर गई जिसमें मध्यप्रदेश के गढ़ी मलहरा निवासी 35 वर्षीय कैलाश, गौरिहार छतरपुर निवासी 30 वर्षीय जयराम प्रजापति व शहर के राठ चुंगी निवासी 28 वर्षीय बल्लू मलबे में दब गए. जबकि अन्य मजदूर मौके से भाग निकले।
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पुलिस मौके पर पहुंच गई और एक घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे श्रमिकों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही डीएम सत्येंद्र कुमार, एसडीएम राजेश यादव, अपर एसपी आरके गौतम, सीओ रामप्रवेश राय, कोतवाली प्रभारी अनूप कुमार दुबे जिला अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।

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दीवार गिरने से तीन श्रमिकों की मौत के बाद कब्जाधारक मौके से फरार हो गया। उधर, डीएम सत्येंद्र कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिजनों को जो भी संभव होगी सरकारी सहायता दिलाई जाएगी। 

निर्माण के दौरान बाहर लगा रखे थे टीनशेड
बिलवई चुंगी के पास भवन निर्माण के दौरान बाहर से टीनशेड लगाए गए थे। ताकि किसी की निर्माण कार्य की ओर नजर न पड़े। एक सप्ताह से श्रमिकों को लगाकर रातोंरात निर्माण कराया जा रहा था। मोहल्लेवासियों के मुताबिक प्रतिदिन रात में छह से ज्यादा मजदूर काम करते थे और भोर होते ही चले जाते थे। निर्माण कितना हो गया। टीनशेड लगे होने से अंदाजा नहीं लगता था।

अवैध निर्माण में जल्दबाजी बनी घटना का कारण
विवादित भूमि पर जल्दबाजी में कराया जा रहा निर्माण कार्य घटना का कारण बन गया। शाम ढलते ही एक बल्ब की रोशनी में काम कराया जा रहा था। जिसमें अधिकांश श्रमिक मध्यप्रदेश के जनपद छतरपुर के काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि दिन की अपेक्षा रात में अधिक मजदूरी दी जा रही थी। जिससे श्रमिक रात में काम करते थे और सुबह होते ही घर जाते थे। पीछे भवन और आगे दुकानें बनाने का काम किया जा रहा था।
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