महोबा जिले में बिलवई चुंगी के पास प्रशासन की रोक के बाद रात में निर्माण कराए जाने के दौरान रविवार की रात निर्माणाधीन भवन की दीवार गिरने से तीन श्रमिकों की मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने एक घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शवों को मलबे से बाहर निकाला।
डीएम समेत पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने अस्पताल पहुंच घटना की जानकारी ली और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। बिलवई चुंगी के पास सड़क किनारे भवन का निर्माण कराया जा रहा था। इसपर पुरातत्व विभाग ने रोक लगा दी थी। कुछ दिन पहले एसडीएम राजेश यादव ने नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद भवन का निर्माण कराया जा रहा था।
रविवार की रात करीब आठ बजे दीवार के ऊपर छज्जा डालने का काम चल रहा था, जिसमें छह मजदूर काम कर रहे थे। अचानक दीवार भरभराकर गिर गई जिसमें मध्यप्रदेश के गढ़ी मलहरा निवासी 35 वर्षीय कैलाश, गौरिहार छतरपुर निवासी 30 वर्षीय जयराम प्रजापति व शहर के राठ चुंगी निवासी 28 वर्षीय बल्लू मलबे में दब गए. जबकि अन्य मजदूर मौके से भाग निकले।
पुलिस मौके पर पहुंच गई और एक घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे श्रमिकों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही डीएम सत्येंद्र कुमार, एसडीएम राजेश यादव, अपर एसपी आरके गौतम, सीओ रामप्रवेश राय, कोतवाली प्रभारी अनूप कुमार दुबे जिला अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।