आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की
आतंकियों को मौत की सजा नजीर बनेगी। रमेशबाबू के चार बच्चे हैं। बड़े बेटे सौरभ शुक्ला प्राइवेट नौकरी करते हैं। छोटे बेटे अक्षय शुक्ला प्राइमरी स्कूल में सरकारी शिक्षक हैं। बहन पूजा की शादी हो चुकी है और छोटी बहन आरती अभी पढ़ाई कर रही है। कोर्ट के फैसले पर पूरे परिवार ने रमेशबाबू शुक्ला की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
पिता के आदर्शों पर चलकर जारी रखी पढ़ाई और पाया मुकाम
दिवंगत प्रधानाचार्य के छोटे बेटे अक्षय शुक्ला ने बताया कि पिता की हत्या के बाद से पूरा परिवार बिखर गया था। जिस वक्त यह घटना हुई थी, वे पढ़ाई कर रहे थे। अचानक मिली पिता की हत्या की सूचना ने पूरे परिवार को बिखेरकर रख दिया था।
पूरे परिवार के लिए बड़ा दिन
पिता के बताए हुए आदर्शों पर चलकर पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 2018 में पिता के आशीर्वाद से शिक्षा विभाग में नौकरी के रूप में अपना मुकाम पाया। पिछले साल दिसंबर में शादी हुई। पत्नी भी शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने फैसले के दिन को पूरे परिवार के लिए बड़ा दिन बताया।