व्यापमं घोटाले में एसआईटी ग्वालियर ने तीन डॉक्टरों पर इनाम घोषित किया है। इनमें आजमगढ़ के चौबेपुर बरोही गांव निवासी डॉ. नीलेश कुमार मालवीय, महोबा के रवई निवासी डॉ. रामशरण और आजमगढ़ के फूलपुर निवासी डॉ. राशिद खान हैं। सोमवार को एसआईटी ने इनकी तलाश में काकादेव कोचिंग मंडी में छापा भी मारा है।
नीलेश कुमार मालवीय ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 2009 में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। 2014 में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद से इंटर्नशिप शुरू की। एसआईटी ग्वालियर को इसकी तलाश सॉल्वर के रूप में है।
काफी समय से जब नीलेश का पता नहीं चल पाया तो एसआईटी ने उस पर तीन हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वहीं, महोबा के रवई निवासी रामशरण ने वर्ष 2009 में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया। इसके कुछ समय बाद केजीएमयू लखनऊ में अपना ट्रांसफर करा लिया।
वहीं से 2014 में एमबीबीएस पूरा किया है। एसआईटी ग्वालियर को इसकी तलाश सॉल्वर के रूप में है। रामशण पर पांच हजार रुपये का इनाम है। आजमगढ़ के फूलपुर निवासी डॉ.राशिद खान की एसआईटी को रैकेटियर के रूप में तलाश है। राशिद ने स्टूडेंट्स को व्यापमं में बैठाया तो था ही खुद भी कई बार एग्जाम दिया है।
काकादेव कोचिंग मंडी में तैयारी के बाद राशिद ने 2008 में झांसी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया। वह लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल हॉस्पिटल से इंटर्नशिप कर रहा था।
एसआईटी अफसरों का कहना है कि राशिद लखनऊ में एटलस नाम से कोचिंग इंस्टीट्यूट भी चला रहा था। राशिद की गिरफ्तारी के बाद उसका कानपुर, लखनऊ और झांसी कनेक्शन सामने आएगा। राशिद पर तीन हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।