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निकाय चुनाव: फर्रुखाबाद 69.22,  इटावा में 53.82 और बांदा में  63.63 फीसदी मतदान 

Mon, 27 Nov 2017 10:23 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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निकाय चुनाव
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नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण में रविवार को सेंट्रल यूपी के फर्रुखाबाद में दिन भर बवाल के बीच 69.22 वोट पड़े। उधर इटावा में 53.82 प्रतिशत और बांदा में  63.63 फीसदी मतदान हुआ। फर्रुखाबाद जिले में बवाल के बीच 69.22 फीसदी मतदान हुआ। शहर नगर पालिका क्षेत्र में सुबह से ही छिटपुट वारदातें होती रहीं।
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जिले की दो नगर पालिका और चार नगर पंचायतों के लिए रविवार को हुए चुनाव में शहर में सबसे कम 52.8 फीसदी मतदान हुआ, जबकि नगर पंचायत कंपिल में सर्वाधिक 80.07 फीसदी मतदान हुआ। जिले में कुल 303517 मतदाता हैं। अध्यक्ष पद के लिए 100 प्रत्याशी और  सदस्य पद के लिए 971 प्रत्याशी मैदान में हैं। यहां अतिसंवेदनशील प्लस 40 बूथों की वेबकास्टिंग भी कराई गई।
 
इटावा में तीन नगर पालिका व तीन नगर पंचायतों के लिए शनिवार को हुए मतदान में झड़पों के बीच 53.82 फीसदी वोट पड़े। इटावा शहर में चार बूथों के बाहर पथराव व मारपीट हुई। नौरंगाबाद में लोगों के पथराव पर पुलिस ने लाठियां फटकार कर खदेड़ा। निर्दल प्रत्याशी सन्नी शर्मा के पति एवं हिंदू सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने भी पुलिस पर पीटने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सभासद प्रत्याशी को गाड़ी में बैठाना चाहा।
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इस पर भीड़ ने प्रत्याशी को अपनी ओर खींच लिया। मतदान में लखना नगर पंचायत में सबसे ज्यादा 67.78  फीसदी तो इटावा नगर पालिका परिषद में सबसे कम 49.93 फीसदी वोट पड़े। जिले में कुल 291135 मतदाता हैं। अध्यक्ष पद के लिए 77 प्रत्याशी मैदान में हैं। वोटिंग को लेकर मतदाताओं में शुरुआती दौर में सुस्ती दिखी, लेकिन दोपहर करीब 11 बजे से बूथ पर भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। करीब तीन बजे ज्यादातर बूथों पर लंबी कतार लगी रही।

बांदा में छिटपुट वारदातों के बीच दो नगर पालिका और छह नगर पंचायतों के लिए करीब 63.63 प्रतिशत वोटिंग हुई। बांदा मुख्यलाय पर सूर्यास्त तक मतदान होने के बाद भी सबसे कम 59.77 फीसदी और नगर पंचायत ओरन में सर्वाधिक 77.48 फीसदी वोटिंग हुई।
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यहां कुल 2,07,038 मतदाता अध्यक्ष पद के 127 प्रत्याशी के भाग्य कै फैसला करेंगे। मतदान के लिए मत पत्र पर मुहर लगाने के लिए दिए गए नए इंकपैड सूखे और खराब निकले। इससे  मतदाताओं को मत पत्र पर मुहर लगाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।

इसके बाद भी मुहर दुरुस्त नहीं लगी। कई मतदान केंद्रों में इस धांधली पर न सिर्फ विपक्षी दलों के प्रत्याशी बल्कि सत्तारूढ़ दल के विधायक भी भड़क उठे। डीएम से उनकी बहस भी हुई।बाद में प्रेक्षक के हस्तक्षेप से तत्काल नए इंकपैड खरीद कर मतदान केंद्र को पहुंचाए गए। सीडीओ का कहना है कि इंकपैड कई वर्ष पुराने थे इसलिए स्याही सूख गई।

सांसद व उनकी पत्नी का वोट कटा 
फर्रुखाबाद। नगर निकाय चुनाव में सांसद मुकेश राजपूत व उनकी पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सौभाग्यवती राजपूत समेत परिवार के पांच लोग वोट नहीं डाल सके। 2012 से अब तक इन लोगों के वोटर कार्ड ही नहीं बने। सांसद ने कहा कि वह इसकी शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।
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