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Kanpur News: वर्षों पुराने अभिलेख जुटाने में मतदाताओं को आ रहा पसीना

Sat, 24 Jan 2026 01:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में मैपिंग से छूटे 1.24 लाख मतदाताओं को निर्वाचन विभाग की ओर से नाेटिस भेजा जा रहा है। त्रुटियां दूर कराने के लिए ब्लॉक, तहसील स्तर पर सुनवाई भी की जा रही है लेकिन मांगे जा रहे दस्तावेजों से मतदाता उलझ कर रह गए हैं। निवास, जन्म तिथि, पारिवारिक संबंध को स्पष्ट करने के लिए मतदाता अभिलेख जुटाने में माथा पच्ची कर रहे हैं। लोगों को वर्षों पुराने अभिलेख ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। इस कारण से अब उन्हें वोट कटने का डर भी सता रहा है।
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विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत शुक्रवार को तहसील व ब्लॉक में सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान कुछ लोग जानकारी के अभाव में तो कुछ पूरे अभिलेख न होने पर अधूरे दस्तावेज लेकर पहुंचे। इससे उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। कुछ देर इंतजार के बाद ऐसे मतदाताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा। मैपिंग से छूटे मतदाताओं से ईआरओ तय 12 दस्तावेज मांग रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने शुक्रवार को फार्म-6 भरने के लिए आवश्यक दस्तावेजों को लेकर जानकारी दी है। इससे मतदाताओं को काफी राहत पहुंचेगी। साथ ही तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत स्तर पर भी निर्देश दिए हैं, यदि किसी मतदाता को पुराने रिकार्ड की जरूरत पड़े तो उन्हें समय से उपलब्ध कराया जाए।
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सुनवाई में पहुंचे मतदाताओं को अधिकारियों ने गिनाए अभिलेख
डेरापुर। सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत डेरापुर तहसील में मतदाता सूची की मैपिंग प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाता छूट गए हैं। तहसील क्षेत्र के 142 बूथों पर कुल 121166 मतदाता पंजीकृत हैं। जिनमें से 11603 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी। इसके चलते इन छूटे मतदाताओं को नोटिस दिए गए हैं। नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाता नगर पंचायत, ब्लॉक और तहसील के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। नोटिस में मांगे गए अभिलेख जुटाना भी उनके लिए कठिन साबित हो रहा है। शुक्रवार को तहसील सभागार में नोटिस पाए मतदाताओं की सुनवाई की गई। इस दौरान तहसीलदार जितेंद्र कुमार और पूर्ति निरीक्षक राजेश कुमार ने प्रमाण पत्र जमा करने के संबंध में सुनवाई की। वहीं, ब्लॉक सभागार में डॉ. रविन्द्र कुमार, डॉ. आलोक कुमार, सरोज कुमारी निगम और राम नरेश पाल ने लोगों की समस्याएं सुनीं। ब्लॉक सभागार में 19 लोग नोटिस लेकर पहुंचे। तहसील सभागार में केवल नौ लोग ही उपस्थित हुए। तहसीलदार जितेंद्र कुमार ने बताया कि वसंत पंचमी के पर्व के कारण कम लोग आए। जो लोग पहुंचे वे भी नोटिस के अनुसार आवश्यक प्रपत्र नहीं ला सके। उन्हें दस्तावेजों के संबंध में जानकारी दे दी गई है। (संवाद)
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केस-1
पांच सदस्यों को नोटिस, नहीं मिल रहे पुराने अभिलेख
तहसील डेरापुर पहुंचे मवई मुक्ता गांव के 80 वर्षीय जगन्नाथ ने बताया कि उनके परिवार समेत पांच लोगों को नोटिस मिला है लेकिन नोटिस में मांगे गए प्रमाण पत्र उनके पास नहीं हैं। वर्षों पुराने अभिलेख ढूंढना मुश्किल हो रहा है। सभी के पास इस समय आधार कार्ड है। इसी को लेकर पहुंचे थे। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब उन्हें वोट कटने का डर सता रहा है।
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केस-2-
आधार लेकर पहुंचे, नहीं हुआ समाधान
मवई मुक्ता के साजन लाल ने बताया कि वह डेरापुर में आयोजित सुनवाई में पहुंचे थे। यहां आने पर उन्होंने भेजा गया नोटिस दिखा कर अधिकारियाें से वर्षों से गांव में रहने और पहले से वोट होने की बात बताई। इस पर जो अभिलेख मांगे गए वह उनके पास नहीं थे। वह आधार कार्ड लेकर पहुंचे थे। अब पुराने अभिलेख ढूंढने का प्रयास करेंगे। जिससे नाम न कटे।
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वोट बढ़वाने के लिए फार्म-6 के साथ देना होगा घोषणा पत्र
कानपुर देहात। एडीएम प्रशासन/उप जिला निर्वाचन अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत नागरिकों द्वारा भरे जाने वाले फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र अनिवार्य रूप से भरा जाएगा। फार्म-6 में आवेदक का नाम व सही पता शुद्ध वर्तनी में, नवीनतम स्पष्ट फोटो एवं वर्तमान मोबाइल नंबर अंकित किया जाना आवश्यक है। फार्म-6 के साथ संलग्न किए जाने वाले आयु, निवास स्थान संबंधी अभिलेखों के लिए इनमें से कोई एक अभिलेख दिया जा सकता है। (संवाद)
ये हैं वह अभिलेख
1-सक्षम स्तर द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
2-आधार कार्ड

3-पैन कार्ड

4-ड्राइविंग लाइसेंस

5- हाईस्कूल/इंटरमीडिएट का प्रमाण-पत्र जिसमें जन्म तिथि का उल्लेख हो

6- भारतीय पासपोर्ट

7- जन्म तारीख के सबूत के लिए कोई अन्य दस्तावेज (यदि उपरोक्त अभिलेख उपलब्ध नहीं हों)

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उपरोक्त में से कोई अभिलेख उपलब्ध न होने की दशा में
- ऐसे मामलों में 18 से 21 आयु वर्ग के आवेदकों को अपने माता/पिता अथवा गुरू (तृतीय लिंग के संदर्भ) के हस्ताक्षर से शपथ पत्र के साथ बूथ लेवल अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा।
- यदि उपरोक्त में से कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं है और माता पिता भी जीवित न हों तो आवेदक ग्राम प्रधान/नगर निगम/नगर पंचायत के सदस्यों द्वारा प्रदत्त आयु प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकता है।
- यदि आवेदक की आयु 21 वर्ष अथवा उससे अधिक है तो वह स्वयं बूथ लेवल अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर आयु के संबंध में मात्र अपना घोषणा पत्र प्रस्तुत करेगा।
निवास के प्रमाण के लिए दे सकते हैं ये अभिलेख
1- उस पते पर पानी/बिजली/गैस कनेक्शन बिल (कम से कम एक वर्ष का)
2- आधार कार्ड
3- राष्ट्रीय/अनुसूचित बैंक/डाकघर की वर्तमान पास बुक
4- भारतीय पासपोर्ट
5- राजस्व विभाग का भूमि स्वामित्व अभिलेख, जिसमें किसान बही भी है
6-रजिस्ट्रीकृत किराया पट्टा विलेख (किरायेदार की दशा में)
7- रजिस्ट्रीकृत विक्रय विलेख (स्वयं के घर की दशा में)
उपरोक्त में से कोई अभिलेख उपलब्ध न होने की दशा में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन कराया जाना आवश्यक होगा।
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नोटिस मिलने पर यह दें प्रपत्र......
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत जमा किए जाने वाले फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र दिया जाना भी अनिवार्य हैं। घोषणा पत्र में आवेदक को वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूवी में से स्वयं का अथवा अपने माता/पिता अथवा दादा/दादी या नाना/नानी में से किसी एक का विवरण, विधान सभा क्षेत्र संख्या, भाग संख्या तथा क्रम संख्या के साथ भरकर प्रस्तुत करना होगा। सही मैपिंग की दशा में आवेदक को कोई नोटिस निर्गत नहीं होगा। घोषणा पत्र में दिया गया विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण निर्वाचक नामावली-2003 का विवरण यदि उपलब्ध नहीं है अथया डेटा बेस से मेल नहीं खाता है तो आवेदक को नोटिस निर्गत किया जाएगा। नोटिस के जवाब में आवेदक को अपनी जन्म तिथि और जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में निम्नलिखित 13 में से कोई एक अभिलेख उपलब्ध कराना होगा।
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ये हैं वह 13 अभिलेख
1. किसी भी केंद्र सरकार/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र / पेंशन भुगतान आदेश।
2. 01.07.1987 से पहले सरकार/ स्थानीय प्राधिकरणों/बैंकों/डाकघर/ एलआईसी /सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा भारत में जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र / अभिलेख।
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3. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
4. भारतीय पासपोर्ट
5. मान्यता प्राप्त बोर्ड / विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन / शैक्षणिक प्रमाण पत्र
6. सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र
7. वन अधिकार प्रमाण पत्र
8. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र
9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी हो)
10. राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर।
11. सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि / मकान आवंटन प्रमाण पत्र।
12. आधार के लिए, आयोग के पत्र संख्या 23/2025-ईआरएस/खंड दिनांक 09.09.2025 द्वारा जारी निर्देश लागू होंगे।
13. बिहार एसआईआर की मतदाता सूची का अंश, 01.07.2025 की संदर्भ तिथि के अनुसार।
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