जादवपुर यूनिवर्सिटी से किया फिजिक्स ऑनर्स
बिना छड़ी की मदद से चलने में असमर्थ रोहन ने अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद कोलकाता की मशहूर जादवपुर यूनिवर्सिटी से भौतिकी में ऑनर्स किया है। कुछ महीने पहले हैदराबाद के एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट में जांच के दौरान पता चला कि बीमारी के कारण वे अपनी 80 फीसदी दृष्टि खो चुके हैं।
रोहन ने बताया कि शुरुआत में इसे सामान्य कमजोरी समझा गया था, लेकिन बाद में बीमारी का पता चला। स्कूली दिनों में शिक्षकों की समझ-बूझ की कमी के कारण उन्हें अलग तक बैठाया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
पिता इंजीनियर और मां थियेटर आर्टिस्ट
तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद रोहन ने हार नहीं मानी और माध्यमिक परीक्षा में 92.3 फीसदी तथा उच्च माध्यमिक में 84 फीसदी अंक हासिल किए। वे पढ़ाई के लिए लैपटॉप और टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसी आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हैं।
फरवरी में आयोजित 'जैम' परीक्षा पास कर उन्होंने आईआईटी कानपुर में जगह बनाई। उनके पिता रंजन मुखर्जी सॉफ्टवेयर इंजीनियर और मां नंदिता मुखर्जी बंगाली थियेटर आर्टिस्ट हैं, जो उन्हें खुद आईआईटी छोड़कर गए हैं। रोहन का कहना है कि रूममेट्स का पूरा सहयोग मिल रहा है और वे अपने रोजमर्रा के काम खुद करने का प्रयास करते हैं।