कानपुर। केडीए ने सन् 2051 तक की जरूरतों और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से सिटी डेवलपमेंट प्लान का खाका खींचा है। इसके तहत आगामी 26 साल की जरूरतों के हिसाब से शहर के विस्तार, इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास, व्यवसाय, रोजगार आदि को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। 29 अप्रैल को शहर के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने इसका प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
शहर की मौजूदा आबादी, उपलब्ध संसाधनों, समस्याओं आदि के मद्देनजर केडीए ने ट्रैक्टेबेल कंपनी से विजन 2051 का प्रारूप तैयार कराया है। इसमें मेट्रो नेटवर्क विस्तार, सिटी बसों, हवाई सेवा का नेटवर्क बढ़ाने के साथ ही सड़कों के चौड़ीकरण, चौराहों के सुधार, मल्टीलेवल पार्किंग, मल्टी इकोनॉमिक हब, सात लाख आवास, वेयरहाउस, कन्वेंशन सेंटर आदि का निर्माण शामिल है। इस दौरान मेट्रो रेल नेटवर्क 74.92 किलोमीटर तक बढ़ाया जाएगा। इसके निर्माण में 34276.61 करोड़ लागत आने का अनुमान है। इसी तरह गंगा पर चार पुल, जरीबचौकी रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी), पनकी पड़ाव आरओबी, पनकी धाम स्टेशन आरओबी, हैरिसगंज आरओबी, फजलगंज से गोविंदनगर होते हुए बर्रा बाईपास के पास तक एलिवेटेड फ्लाईओवर, जीटी रोड में रामादेवी से गोल चौराहे तक एलिवेटेड फ्लाईओवर, चकेरी आरओबी, करबिगवां पुल, जूही मिलेट्री कैंप चौराहे के पास से अफीमकोठी, डिप्टी पड़ाव तक पुल आदि शामिल हैं।
इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए शार्ट टर्म, मध्य टर्म और लॉग टर्म प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। ताकि कुछ कार्य तत्काल कराए जा सकें और उनका लाभ शहरवासियों को मिल सके। इसी तरह मध्य टर्म में वह कार्य शामिल किए गए हैं, जो पांच से 10 साल में पूरे होंगे। अन्य कार्य उसके बाद पूरे कराए जाएं।
केडीए ने ट्रैक्टेबेल कंपनी से वर्ष 2051 की जरूरतों के मद्देनजर विजन डाक्युमेंट तैयार कराया है। 29 अप्रैल को कंपनी इसका प्रस्तुतिकरण करेगी। यदि कुछ सुझाव मिलेंगे तो उन्हें भी शामिल किया जा सकता है।
- अभय कुमार पांडेय, सचिव, केडीए
लक्ष्य
- शहर प्रमुख सड़कों, चौराहों में सुगम यातायात के लिए सुधार कार्य
- प्रमुख बाजारों, कार्यालयों या उनके आसपास मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था
- शहर की पुरानी मिलों की जमीनों का जरूरत के हिसाब से उपयोग
- मेट्रो के साथ ही सिटी बसों की संख्या और रूट बढ़ाना
- 2051 तक यात्रियों और ट्रेनों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर एलिवेटेड रेल ट्रैक निर्माण
- 2051 तक शहर में करीब आठ लाख आवासों की जरूरत, इनका बंदोबस्त करना
- एयरपोर्ट का विस्तार, कारगो सेवाओं का संचालन
- व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउस, कन्वेंशन सेंटर, अस्पतालों, होटलों का निर्माण करते हुए रोजगार को बढ़ावा
- शहर में पानी आपूर्ति, सीवेज सिस्टम में सुधार के साथ ही नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों का निर्माण
- विद्युत उत्पादन, वितरण व्यवस्था में सुधार
- रामायण सर्किट के तहत बिठूर धाम का विकास, रिवर फ्रंट, गंगा आरती, बोट क्लब, पैरा ग्लाइडिंग
केडीए का विकास क्षेत्र 5146 हेक्टेयर है। इसमें पहले 386 गांव शामिल थे। सीमा विस्तार से इसमें 80 और गांव शामिल हुए हैं। इस प्रकार अब केडीए के विस्तार क्षेत्र के दायरे में 466 गांव आ गए हैं।