रामनाथ महेंद्र का मंगलवार रात हुआ निधन
राम मंदिर आंदोलन में विशेष भूमिका निभाने वाले विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कानपुर शहर के प्रमुख सराफा कारोबारी रामनाथ महेंद्र का मंगलवार रात निधन हो गया। वे 79 वर्ष थे। लंबे समय से मधुमेह से पीड़ित थे। हालत गंभीर होने पर रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां रात 12:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से शहर के सभी व्यापार मंडलों, संगठनों, संघ और भाजपा के कार्यकर्ताओं में शोक देखने को मिला।
खलासी लाइन निवासी रामनाथ महेंद्र उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष भी थे। विहिप को मजबूत करने के साथ उन्होंने शहर के सराफा कारोबार को भी देश और प्रदेश में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। बिहराना रोड सराफा बाजार में पहला शोरूम इन्हीं का था।
सरल और सहज व्यक्तित्व की वजह से समाज के हर वर्ग में पैठ रही। संघ और भाजपा के बड़े नेता उनसे सलाह मशविरा करते रहते थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और विहिप के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष दिवंगत अशोक सिंहल से इनके करीबी रिश्ते थे। अशोक सिंहल के बाद विहिप का एक और स्तम्भ ढह गया है।
राममंदिर आंदोलन के समय से रामनाथ महेंद्र के शिष्य रहे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी गहरा दुख जताया है। बुधवार शाम चार बजे भैरोघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शहर और प्रदेश भर से उनके चाहने वाले अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।