बरसाती बीमारियों ने सिर उठाना शुरू कर दिया है। वायरल निमोनिया, बैक्टीरियल डायरिया और दिमागी बुखार (मेनिनजाइटिस) के रोगी बढ़ रहे हैं। कानपुर में सोमवार को दिमागी बुखार की एक रोगी की मौत हो गई। तीन अन्य रोगियों को गंभीर हालत में हैलट में भर्ती किया गया है। उधर, मलेरिया ने भी हमला तेज कर दिया है। हैलट अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को मलेरिया के तीन रोगी आए। इसके साथ ही निजी अस्पतालों में मलेरिया, मेनिनजाइटिस के रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
बर्रा में रहने वाली मिथिलेश देवी (61) की सोमवार को मेनिनजाइटिस से मौत हो गई। उनकी दिमाग की झिल्ली में सूजन आ गई थी। इसके साथ ही उन्हें लकवा भी लग गया था। किदवईनगर के एक निजी अस्पताल में उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। बाद में हालत बिगड़ने पर उन्हें हैलट रेफर कर दिया गया था। परिजन उन्हें लेकर हैलट पहुंचे, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। मेडिसिन विभाग के सीनियर न्यूरो फिजिशियन डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि टीबी के संक्रमण से दिमाग की झिल्ली में सूजन आ जाती है। उन्होंने बताया कि मेनिनजाइटिस समेत न्यूरो के चार रोगियों को भर्ती किया गया है।
बारिश में मेनिनजाइटिस और इंसेफ्लाइटिस के रोगी बढ़ने लगते हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को ओपीडी में मलेरिया के तीन रोगी आए। बालरोग अस्पताल में बैक्टीरियल डायरिया और वायरल निमोनिया से पीड़ित बच्चों को भर्ती किया गया है। बालरोग की इमरजेंसी फुल हो गई है। डॉक्टरों की सलाह है कि घरों के आसपास जलभराव न रहने दें। यदि कहीं पानी इकट्ठा है, तो उसमें मिट्टी का तेल डाल दें, जिससे मच्छरों के लार्वा न पनप पाएं।