जगह-जगह जलभराव से मलेरिया और वायरल संक्रमण तेज हो गया है। वायरल संक्रमण के बाद रोगियों को निमोनिया हो रहा है। इससे सांस लेने में तकलीफ हो रही है। कानपुर में निमोनिया से मंगलवार को दो रोगियों की मौत हो गई।
कई रोगियों को सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है। इसके साथ ही मच्छर बढ़ने से मलेरिया का हमला तेज हो गया। हैलट की ओपीडी में मलेरिया जैसे लक्षणों वाले 40 रोगी आए। कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में पांच हृदय रोगियों की जांच में मलेरिया पॉजिटिव आया है। मलेरिया के लक्षणों वाले दो रोगियों को हैलट में भर्ती किया गया है।
डॉक्टरों का कहना है कि जलभराव के कारण बैक्टीरिया और वायरस पनप रहे हैं। साथ ही मच्छर भी बढ़ रहे हैं। वायरल संक्रमण का असर रोगियों के फेफड़ों तक पहुंच रहा है। इससे निमोनिया हो रहा है। मंगलवार को चमनगंज के रहने वाले आदिल खां (62) की निमोनिया से मौत हो गई। उन्होंने उर्सला अस्पताल की ओपीडी में दिखाया था। इसके बाद हालत बिगड़ी, तो एक निजी अस्पताल में दिखाया, लेकिन तुरंत ही उनकी मौत हो गई।
इसी तरह बाबूपुरवा के ऋषभ सोनकर की निमोनिया से मौत हुई है। उनका इलाज किदवईनगर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। हैलट अस्पताल में मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा गिरि की ओपीडी में मलेरिया जैसे लक्षणों वाले 40 रोगी आए। इनका ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। दो रोगियों को भर्ती किया गया है।
ऐसे करें बचाव
- फ्रिज का ठंडा पानी न पीएं।
- दिन में कई बार हाथ और मुंह धोएं।
- बहुत अधिक बाहर न निकलें, निकलते समय मास्क जरूर पहनें।
- छींक या खांसी के दौरान हमेशा रुमाल का इस्तेमाल करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें।
- खाने में गर्म और तरल आहार अधिक लें।
- ठंडी और खट्टी चीजें न खाएं।
- कटे-फटे फलों के सेवन से बचें।