अब गांवों में मकान या किसी तरह का भवन बनाने के लिए नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा। जिला पंचायत क्षेत्र के गांवों में अगस्त के पहले सप्ताह से यह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। जिला पंचायत की सीमा में 557 गांव आते हैं। 2013 में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में गांवों में बनने वाले मकान और भवनों के लिए नक्शा पास कराने का प्रस्ताव पास हुआ था। अब कमिश्नर ने इसे मंजूरी दे दी है।
इसका नोटिफिकेशन भी हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष देंवेंद्र सिंह कटियार ने बताया कि जो गांव केडीए की सीमा में हैं वहां पर केडीए ही नक्शा पास करेगा। बाकी जिला पंचायत की सीमा में आने वाले गांवों में यह नई व्यवस्था अगस्त के पहले सप्ताह से लागू होने की उम्मीद है। तीन सौ वर्गमीटर से ज्यादा क्षेत्र में बनने वाले घर या अन्य भवन का नक्शा जिला पंचायत से पास कराना होगा। जिला पंचायत से रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट ही नक्शा बनाएग।
15 मीटर से ऊंचे भवन को बहुमंजिला माना जाएगा। तीन सौ वर्ग मीटर तक या दो मंजिला भवन का नक्शा बनवाना अनिवार्य नहीं है लेकिन इसकी सूचना जिला पंचायत को देनी होगी। तीन सौ वर्ग मीटर का भवन बनाने पर एक रेन वाटर हारर्वेस्टिंग सिस्टम बनवाना होगा। तीन सौ वर्ग मीटर से ज्यादा के आवासीय भवन पर 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर और व्यावसायिक भवन पर सौ रुपये प्रति वर्ग मीटर नक्शा पास कराने का शुल्क लगेगा।