गांवों में अपनी सरकार बनाने को जनता ने उम्मीदवार को कुर्सी पर बैठा दिया,
अब चुने जनप्रतिनिधियों की बारी है कि वह लोगों की समस्याओं को हल कराने
को कैसे पहल करता है।
जिले के गांवों में सड़क, नाली, खड़ंजा के अलावा
बिजली व सड़क की समस्या प्रमुख हैं। जिले के कई गांवों में बिजली नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुर्सी तो मिल गई, देखना है कि समस्या कहां तक हल
होगी।
शिवली क्षेत्र के हथिका ग्राम सभा, भेवान ग्राम सभा के मजरा
गजानिवादा, नवलनिवादा, जैतपुर ग्रामसभा के मजरा पंचमपुरवा, ग्राम सभा करोम
के मजरा बिहारीपुरवा, निहालपुरवा, करोम में बिजली के खंभे लगे हैं, उन पर
लगे तार टूटे हैं। ग्राम सभा बैरी सवाई के मजरा इंद्रानगर में बिजली के
तार जर्जर होकर जमीन को छूते हैं।
दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बारनपुर
कहिंजरी में कई सालों से आईटीआई का काम अधूरा पड़ा है। इंद्रानगर,
नालाप्रतापपुर, बंथा गांव जाने वाली सड़कें बेहद खराब व जर्जर हालत में
हैं।
कई गांवों में एएनम सेंटर अधूरे बने खड़े हैं। रामपुर शिवली में
बारातशाला बनने के बाद भी खटारा पड़ी है। दरवाजे टूट गए हैं। फर्श उखड़ गया
है। मैथा में तहसील की स्थापना करा दी गई है, हालांकि वास्तव में काम होता
ही नहीं हैं। सभी काम अकबरपुर व रसूलाबाद तहसील से अभी तक संचालित हो रहे
हैं।