कानपुर के चौबेपुर में विरोह गांव के ग्रामीण विकास दुबे के करीबी ग्राम प्रधान के आतंक से परेशान हैं। 10 ग्रामीणों ने गुरुवार को आईजी को प्रधान के आतंक की दास्तां सुनाई। जमीन पर कब्जा करने, मारपीट करने के साथ ही शौचालय के लिए आई रकम न देने का आरोप लगाया। आईजी ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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विकास दुबे (जैकेट में)
- फोटो : amar ujala
ग्रामीण भारत वर्मा ने बताया कि दो सितंबर को खंड विकास अधिकारी के दफ्तर में शौचालय का पैसा मांगा तो ग्राम प्रधान ने उनको पीटा और जान से मारने की धमकी दी। ग्राम सभा सदस्य कमला दिवाकर, अंकित, रानी, संतोष अग्निहोत्री, सतीश, रमेश, शिव सिंह यादव, राजेंद्र, सचिन सिंह, राजेश और सुनील दिवाकर समेत अन्य लोगों ने ग्राम प्रधान के खिलाफ तहरीर दी है।
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विकास दुबे का पिता
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम प्रधान पर कई मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद डबल बैरल लाइसेंसी बंदूक रखता है। इस बंदूक का इस्तेमाल अधिकतर विकास दुबे का खास गुड्डन त्रिवेदी करता था। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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विकास दुबे (काले कोट में)
- फोटो : amar ujala
जानिए क्या है पूरा मामला
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
अभी तक पुलिस इस मामले में 21 लोगों को जेल भेज चुकी है। विकास के सात साथी सरेंडर कर चुके हैं। वहीं इस घटना में शामिल कुछ बदमाश अभी तक फरार चल रहे हैं। जिन्हें ढूंढने के लिए यूपी एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं।