गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के बढ़ौरा गांव में बाइक चोरी के मामले की तस्दीक करने पहुंची कानपुर कमिश्नरेट की पनकी थाना पुलिस पर ग्रामीणों ने धावा बोल दिया। सादे कपड़ों में आई पुलिस टीम को बंधक बनाकर ग्रामीणों ने दरोगा और तीन सिपाहियों को बेरहमी से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। इस दुस्साहसिक हमले के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
चोर को लेकर बाइक विक्रेता के घर दबिश देने पहुंची थी पुलिस
कानपुर कमिश्नरेट के थाना पनकी के अंतर्गत आने वाली एक पुलिस चौकी के प्रभारी दिवाकर पांडेय, हेड कांस्टेबल मोहम्मद इमरान, कांस्टेबल अवधेश और हरिओम के साथ सादे कपड़ों में कन्नौज पहुंचे थे। पुलिस टीम के साथ पनकी थाने का एक शातिर बाइक चोर भी था, जिससे हाल ही में चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद हुई थी।
ग्रामीणों ने घेरा, कांस्टेबल ने फोन कर ज्वाइंट सीपी से मांगी मदद
ग्रामीणों ने सादे कपड़ों में आई पुलिस टीम को पहचान नहीं पाया या जानबूझकर माहौल बिगाड़ने के लिए उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। दरोगा और सिपाहियों ने अपना परिचय भी दिया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने एक न सुनी और लाठी-डंडों व लात-घूंसों से चारों पुलिसकर्मियों की बेरहमी से धुनाई शुरू कर दी। खुद को घिरता देख एक कांस्टेबल ने किसी तरह सूझबूझ दिखाई और यूपी-112 के साथ-साथ सीधे कानपुर कमिश्नरेट के ज्वाइंट सीपी (Joint CP) मनोज कुमार सिंह को फोन मिलाकर अपनी जान बचाने की गुहार लगाई।
भारी फोर्स के साथ पहुंचे अधिकारी, 3 हिरासत में, पूरा गांव छावनी
पुलिस पर जानलेवा हमले और बंधक बनाने की खबर मिलते ही गुरसहायगंज के प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार अवस्थी भारी पुलिस बल के साथ बढ़ौरा गांव के लिए दौड़ पड़े। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायल दरोगा व तीनों सिपाहियों समेत बाइक चोर को छुड़ाकर कोतवाली ले आए, जहां सभी का तुरंत मेडिकल परीक्षण कराया गया।