शिवराजपुर (बिल्हौर)। सोमवार को गजफ्फरपुर गांव में ग्रामीणों की शिकायत पर राशन वितरण की जांच करने पहुंचे पूर्ति निरीक्षक को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। गांव के राशन कार्ड धारकों ने जांच अधिकारियों पर ही गंभीर आरोप लगा अन्य विभाग से जांच कराने की मांग जिलाधिकारी कानपुर नगर से की है।
गजफ्फरपुर नदिया बुजुर्ग में राज नारायण तिवारी के नाम राशन दुकान का आवंटन है। गांव की फूलमती, उषा, कमला, सरोजनी, ममता, किरण आदि ने जिला पूर्ति अधिकारी कानपुर नगर को शिकायती पत्र में बताया कि कोटेदार द्वारा गांव में प्रतिमाह राशन का वितरण नहीं किया जाता है। वितरण के दौरान कम राशन दिया जाता है, साथ अधिक मूल्य लेने की शिकायत कर जांच कराने का आग्रह किया था।
ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर जिला पूर्ति अधिकारी कानपुर नगर ने एआरओ रफीक मंसूरी व बिल्हौर पूर्ति निरीक्षक प्रदीप मिश्रा से मौके पर जाकर ग्रामीणों से बयान दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सोमवार को टीम जांच करने गांव पहुंची तो शिकायतकर्ता ने पूर्ति निरीक्षक पर कोटेदार से मिले होने का आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। बयान दर्ज कराने से मना कर दिया। जांच टीम बैरंग वापस लौट गई।
एआरओ रफीक मंसूरी ने बताया कि मंगलवार को पूर्ति निरीक्षक से जांच कराई जाएगी। उधर राशन विक्रेता राजनारायण ने बताया कि पंचायत चुनाव नजदीक हैं इसलिए गांव के कुछ चुनाव लड़ने की दौड़ में शामिल लोग विवाद की स्थित पैदा कर रहे हैं जांच में शामिल करने की गुहार आलाधिकारियों से लगाई गई है। तहसील आपूर्ति निरीक्षक प्रदीप मिश्र ने बताया कि जांच के दौरान सरकार काम में पूर्व नियोजित ढंग से बाधा डालने का प्रयास किया गया है, यदि राशन विक्रेता दोषी पाया जाता है उस पर कार्रवाई होगी। जांच टीम के साथ किया कृत्य अवैधानिक है जिसके बारे में अधिकारियों केे बता दिया गया है।