पांच विभिन्न बैंकों से तकरीबन तीन हजार करोड़ रुपये का लोन लेकर फर्जीवाड़ा करने के आरोप में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार रोटोमैक पेन बनाने वाली कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी को उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने आठ सप्ताह की सशर्त अंतरिम जमानत दे दी है।
कोठारी को यह जमानत इलाज कराने के लिए मिली है। अदालत ने कोठारी को जमानत कर छूटने से पहले कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करने और जमानत अवधि में अपनी गतिविधियों की जानकारी देते रहने के निर्देश दिए हैं।
रोटोमैक समूह के मालिक विक्रम कोठारी
न्यायमूर्ति अताउर्रहमान मसूदी ने पक्षकारों को सुनने बाद कहा कि चिकित्सा विशेषज्ञों की रिपोर्ट से जाहिर होता है कि वादी गंभीर रूप से बीमार है और उसकी सर्जरी होनी है। आरोपी को इसकी सुविधा दिया जाना उचित है। आरोपी गिरफ्तार होने के बाद से न्यायिक हिरासत में था जिस दौरान उसका स्वास्थ्य लगातार खराब होता चला गया।
कोठारी को सीबीआई ने 23 फरवरी 2018 में गिरफ्तार किया था। इस मामले में उसके बेटे राहुल को पूर्व में जमानत दे दी थी हालांकि विक्रम कोठारी द्वारा पूर्व में दी गई जमानत की अर्जी को अदालत ने ठुकरा दिया था।
रोटोमैक समूह के मालिक विक्रम कोठारी
रोटोमैक पेन बनाने वाली कंपनी ग्लोबल इंडिया लिमिटेड के मालिक के खिलाफ पहले बैंक आफ बड़ौदा ने शिकायत की थी। यह सामने आया था कि कंपनी ने पांच बैंकों से तकरीबन तीन हजार करोड़ रुपये का लोन लिया पर उसे चुकाने में आनाकानी करती रही।
इतना ही नहीं लोन लेने के लिए जो उद्देश्य दिखाया गया था उसके बजाए कर्ज की राशि को दूसरे मदों में व्यय किए जाने का भी आरोप था। उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया हुआ है।