गैंगस्टर विकास दुबे के महाकाल मंदिर परिसर से पकड़े जाने के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ऐसा कुख्यात अपराधी जिसे पकड़ने के लिए कई राज्यों की पुलिस दिन-रात एक कर लगी हुई थी, वह महाकाल मंदिर जैसी भीड़-भाड़ वाली जगह पर खुले आम घूमता रहा और चाक चौबंद के बावजूद किसी को खबर तक नहीं लगी। यह अपने-आप में चौंकाने वाला मामला है।
विज्ञापन
2 of 6
विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
महाकाल मंदिर परिसर में 170 आधुनिक कैमरे लगे हुए हैं। इसके अलावा यहां हर समय 60 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। गुरुवार सुबह जब मंदिर से विकास को गिरफ्तार किया गया, तब भी वहां भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात थे।
विज्ञापन
3 of 6
गिरफ्तार किया गया विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
हैरानी की बात यह है कि इस सब के बावजूद विकास दुबे मुंह पर मास्क लगाकर खुलेआम घूम रहा था। उसने मंदिर में फोटो भी खिंचवाए और किसी तो खबर तक नहीं लगी।
4 of 6
विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता मानी जाती है। सिंहस्थ के दौरान यहां सुरक्षा की दृष्टि से कई काम हुए थे। आधुनिक कैमरे लगाने के साथ-साथ एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया था। यहां से पूरे मंदिर परिसर और आसपास के कुछ क्षेत्रों की निगरानी की जाती है।
विज्ञापन
5 of 6
गिरफ्तार किया गया विकास दुबे
- फोटो : ani
दुबे की गिरफ्तारी के समय भी कंट्रोल पर एक अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी दे रहे थे। मंदिर के हर कोने पर नजर होने के बावजूद कंट्रोल रूम के अधिकारी विकास को नहीं पहचान सके।
मंदिर में दर्शन के लिए एक रसीद कटवानी पड़ती है। नियमानुसार इस रसीद के लिए श्रद्धालु को अपना पहचान पत्र दिखाना होता है। विकास दुबे ने भी दर्शन के लिए 250 रुपये की रसीद कटवाई थी। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि क्या उसने पहचान पत्र दिखाया था और अगर नहीं दिखाया था तो उसे रसीद कैसे मिली।