बिकरू कांड में आरोपियों ने कितने और किस असलहे से पुलिस टीम पर फायर किए, इसकी बैलिस्टिक रिपोर्ट पुलिस नहीं देख सकेगी। यह रिपोर्ट सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बंद लिफाफे में सीधे कोर्ट में दाखिल की जाएगी।
इसके अलावा बचे हुए अन्य सबूत भी पुलिस इसी चार्जशीट में दर्ज कर कोर्ट के सामने पेश करेगी। असलहों की बैलिस्टिक जांच के लिए लखनऊ एफएसएल भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हुई है।
इसके अलावा फरीदाबाद और उज्जैन में हुई पूछताछ और दस्तावेजी साक्ष्यों को भी पुलिस सप्लीमेंट्री चार्जशीट के साथ दाखिल करेगी। पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे उमाशंकर और विपुल दुबे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। उनकी गिरफ्तारी के साथ जो सबूत और सामने आएंगे, उन्हें भी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में दाखिल किया जाएगा।