बिकरू कांड में दोषी पाए गए दरोगा अजहर इशरत को सोमवार को साढ़ थाने में तैनाती दे दी गई है। एसआईटी की जांच में अजहर की बड़ी भूमिका सामने आई थी। विकास से सीधेतौर पर सांठगांठ व संबंध होने के साक्ष्य मिले थे।
इसलिए एसआईटी ने उन पर वृहद दंड के तहत कार्रवाई की सिफारिश की थी। जांच अभी जारी है। बिकरू कांड के बाद शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्र का एक पत्र वायरल हुआ था। इसमें लिखा था कि विकास दुबे के खिलाफ दर्ज एफआईआर में विवेचक दरोगा इशरत अजहर ने एसओ विनय तिवारी के साथ मिलकर रंगदारी की धारा हटा दी है।
हालांकि इस पत्र पर दरोगा व एसओ पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। जब एसआईटी ने जांच की तो इशरत अजहर को बराबरी का दोषी पाया गया। एसपी साउथ मामले की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा डीआईजी ने घाटमपुर में तैनात दरोगा दीपक त्यागी को फीलखाना, अमित कुमार तिवारी को साढ़ से कर्नलगंज, दशरथ सिंह को सजेती से फजलगंज, महेंद्र सिंह को सजेती से स्वरूपनगर थाने में तैनात किया गया। वहीं पुलिस लाइन से दरोगा दीवान अबरार खां को सजेती, पवन कुमार तिवारी को घाटमपुर, विजय प्रकाश सिंह व धर्मेंद्र कुमार सिंह को साढ़ थाने में तैनाती दी।