बिकरू कांड में अब कानपुर देहात के तीन थानों शिवली, मंगलपुर और रसूलाबाद के पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच शुरू हुई है। इन तीनों थाना क्षेत्रों में विकास दुबे और उसके गुर्गों ने कई दिनों तक पनाह ली थी। आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने सोमवार को एसटीएफ की रिपोर्ट पर जांच कानपुर देहात के एएसपी घनश्याम चौरसिया को सौंपी है।
बिकरू कांड के बाद विकास, अमर दुबे और प्रभात मिश्रा पहले शिवली में रुके। फिर रसूलाबाद गए और मंगलपुर में दो दिनों तक ठहरे रहे। जांच की जद में 70 से अधिक पुलिसकर्मी हैं। इसमें वे चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं जो शिवली में मददगार रामजी के पड़ोस में रहते हैं। आईजी ने बताया कि जांच में जो पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी ने मदद की होगी तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
ईडी ने अधिवक्ता के दर्ज किए बयान
अधिवक्ता सौरभ भदौरिया के बयान सोमवार को लखनऊ में ईडी ने दर्ज किए। सौरभ ने ईडी अधिकारियों को जय बाजपेई और विकास समेत कई अन्य लोगों की 27 संपत्तियों की रजिस्ट्रियां सौंपीं। अगले सप्ताह फिर बयान के लिए बुलाया गया है। कुछ समय पहले शहर के एक भाजपा नेता के भी बयान दर्ज किए गए थे जो जय के करीबी हैं।