कानपुर। लोगों को अब अपनी सेहत संबंधी जांच रिपोर्ट की फाइलें सहेजकर रखने की आवश्यकता नहीं होगी। एक क्लिक पर उनके मोबाइल फोन पर डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड उपलब्ध होगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, यूपी की एमडी रितु माहेश्वरी ने बताया कि प्रदेश के 1200 अस्पतालों में हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचआईएस) लागू कर दिया गया है। यह प्रणाली सीएचसी और पीएचसी स्तर तक विस्तारित की जाएगी।
रितु माहेश्वरी ने आईआईटी में आयोजित डिजिटल स्टेक वर्कशाप में बताया कि डिजिटल मिशन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए एआई मिशन की स्थापना की गई है जिसके लिए दो हजार करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की गई है। एचआईएस में अस्पताल से संबंधित समस्त जानकारी समाहित होगी।
आभा ऐप के माध्यम से 14 करोड़ रोगियों का डाटा उपलब्ध है जबकि 13 करोड़ लोगों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार हो चुका है। सीएचसी और पीएचसी स्तर पर आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। आयुष्मान डिजिटल मिशन और डिजिटल फाउंडेशन पर भी काम चल रहा है। ओपीडी पर्चे से लेकर इलाज और जांच तक का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड रखा जाएगा। नागरिकों के लिए 14 अंकों का एक यूनिक पेशेंट आइडेंटिफायर (यूपीआई) नंबर होगा जिससे उनका डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा। रोशनी ऐप और कैंसर स्क्रीनिंग के पायलट प्रोजेक्ट भी संचालित किए जा रहे हैं।