कानपुर के मुस्लिमों ने कही अपनी बात
योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद मुस्लिम समाज में हलचल है। समाज का एक वर्ग मानता है कि सीएम बनने के बाद योगी अपनी कट्टर छवि से बाहर आएंगे। जिस तरह ढाई साल में मोदी ने विकास के अलावा कोई और बात नहीं की उसी तरह प्रदेश का शासक बनने के बाद योगी भी जाति-धर्म से ऊपर विकास की ही बात करेंगे। योगी कट्टरता छोड़ेंगे तो कबूल हैं।
कानपुर के इफ्तिखाराबाद में मुस्लिम समाज की बैठक में क्षेत्रीय पार्षद सलीम बेग ने कहा कि सभी पार्टियों ने इस बात का डर पैदा किया कि बीजेपी आएगी तो मुसलमानों का अहित करेगी, पर केंद्र में सरकार बनने के बाद से अब तक मुसलमानों को कोई परेशानी नहीं हुई। सब अमन-चैन है। अब मोदी ने ही योगी को मुुख्यमंत्री बनाया है तो कुछ सोचकर बनाया होगा। जब मोदी ने कट्टरता छोड़ दी तो योगी भी ऐसा ही करेंगे यह हमें उम्मीद है। निसार अहमद, शिराज अहमद, गुलशेर अहमद ने कहा कि मुसलमान योगी से नहीं डरते, न ही मुस्लिम समाज भयाक्रांत है।
वोट बटोरने के लिए ही तमाम पार्टियां हमेशा से भाजपा का हौव्वा खड़ा करती आई हैं। बीजेपी और इसके नेताओं को लेकर फैलाया जा रहा डर बेबुनियाद है। योगी पहले ही सबका साथ, सबका विकास की बात कह चुके हैं। बैठक में कुछ युवाओं ने योगी जैसे कट्टर को आगे लाने पर चिंता भी व्यक्त की लेकिन बड़े-बुजुर्गों ने माहौल खराब होने की आशंका को निर्मूल बताया। कहा कि बीजेपी सबका साथ-सबका विकास की बात कह रही है। इस मौके पर आबिद अली, फारुख, मो. तालिब अली, मो. फारुख, डॉ. वसी, सरताज अहमद, हाजी दिलशाद, ताज आलम, मुस्तकीम अहमद आदि ने भी विचार रखे।