भाजपा विधायक विक्रम सिंह
बवाल की सूचना पर सदर विधायक विक्रम सिंह चौक पहुंच गए और उन्होंने व्यापारियों के नेतृत्व की कमान संभाल ली। व्यापारियों की भीड के साथ विधायक कोतवाली पहुंच गए। यहां पर एसडीएस और सीओ को कोतवाली बुलाने के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने की जिद पर अड गए। विधायक ने बताया कि जबतक एसडीएम और सीओ के खिलाफ रिपोर्ट नहीं दर्ज होती है, तबतक वह कोतवाली से बाहर नहीं निकलेंगे। उधर, डीएम आवास में एसडीएम, सीओ के साथ मौजूद हैं। अन्य कई अधिकारी भी पहुंचे हैं। सूत्रों की मानें , तो दोनों तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर तैयार की गई हैं।
विधायक के मौके पर पहुंचते ही व्यापारी विधायक जिंदाबाद के नारे लगाते हुए व्यापारी कोतवाली पहुंच गए। देर रात तक विधायक व जिला अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी कोतवाली में एसडीएम व सीओ के खिलाफ मुकदमें को लेकर अड़े रहे। कोतवाल के अलावा कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। व्यापारियों का आरोप था कि अतिक्रमण में भेदभाव किया जा रहा है। कई दुकानदारों के साथ मारपीट कर अधिकारी तानाशाही कर रहे है।
पोस्ट डालने के साथ ही दो फोटो और एक वीडियो भी अपलोड किया गया
फतेहपुर चौक में हुए बवाल के मामले में कोतवाली पहुंचे सदर विधायक विक्रम सिंह के साथ भीड़ जुटाने के लिए सोशल मीडिया की मदद से लोगों का आह्वान किया गया। विधायक समर्थकों ने फेसबुक और व्हाटस एप के जरिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को जुटाने पूरी कोशिश की। विधायक के समर्थक अभिषेक शुक्ला ने शाम सात बजे फेसबुक में लिखा ‘विक्रम सिंह कोतवाली में हैं, ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचें’। पोस्ट डालने के साथ ही दो फोटो और एक वीडियो भी अपलोड किया गया। इसमें विधायक के कोतवाली में बैठे होने की और कोतवाली के बाहर लगी भीड़ को दर्शाया गया। वीडियो, फोटो और पोस्ट देखकर तत्काल लोगों के कमेंट भी आने शुरू हो गए। किसी ने तत्काल कोतवाली पहुंचने का कमेंट किया तो किसी ने पहुंचने से पहले मामले को जानने की कोशिश की बात कही। इसी तरह व्हाटस ऐप के तमाम ग्रुपों के जरिए मामले को और ज्यादा प्रभावी बनाने की पूरी कोशिश की गई।