प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान में भागीदार आईआईटी कानपुर की स्टार्टअप कंपनी ‘गर्व टॉयलेट’ ने एक बार फिर संस्थान का नाम रोशन किया है।
दुनिया के टॉप-4 सोशल स्टार्टअप में शुमार इस कंपनी के अच्छे कामों पर अब उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी बधाई दी है। शनिवार की सुबह-सुबह उन्होंने इसके लिए ट्वीट किया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि गर्व टॉयलेट जो स्वच्छ भारत की दिशा में बेहतर काम कर रही है उसे यूएई की ओर से सस्टेनेबल सिटीज कैटेगरी में मोहम्मद बिन राशिद अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह जानकार अच्छा लगा।
यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाले गर्व टॉयलेट के फाउंडर मयंक मिधा को ढेरों शुभकामनाएं। इससे पहले भी यह कंपनी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी है।
इसे यूएई की ओर से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ चार सामाजिक कंपनियों में शुमार किया गया था। इस उपलब्धि पर आईआईटी निदेशक प्रो. अभय करंदीकर, उप निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल, सिडबी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के प्रमुख प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने खुशी जाहिर की।
स्मार्ट शौचालय का निर्माण करती है कंपनी
यह कंपनी देश के अलग-अलग गांव और शहरों में तकनीक आधारित स्मार्ट शौचालय का निर्माण करती है। स्टील से बने इस शौचालय का संचालन पूरी तरह से सौर ऊर्जा से होता है। इसमें पानी भी कम खर्च होता है।
प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि यह स्टार्टअप कंपनी प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत के उद्देश्य को बेहतर तरीके से पूरा करने में जुटी हुई है। टॉयलेट में नहाने, कपड़े धोने और पीने के पानी की व्यवस्था भी होती है।
यही नहीं, शौचालय का डिजाइन इस तरह से रखा गया है कि उसमें एक छोटी सी दुकान भी खुल सकती है जहां स्वास्थ्य से जुड़े उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। गंदगी होने पर टॉयलेट में लगा सेंसर एक्टिव हो जाता है और ऑटोमेटिक सफाई भी हो जाती है।