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दरिंदा मोहल्ले का ही, एक पर शक

Mon, 08 Jun 2015 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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अजीतगंज बाबूपुरवा की ढाई साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के मामले में पुलिस ने मोहल्ले के तीन संदिग्ध रिक्शा चालकों सहित छह लोगों को उठाया है। रिक्शे वालों का कुछ दिन पहले बच्ची के परिवार से झगड़ा हुआ था और एक ने तो बच्ची के गायब होने के बाद परिजनों से कहा था कि अब बच्ची नहीं मिलेगी। एक संदिग्ध का रिक्शा भी गायब है। पुलिस रिक्शे को खोज रही है। सूत्रों का कहना है कि रिक्शे की सीट के नीचे ही शव छिपाकर रखा गया था। रिक्शा मिलने पर पुलिस को मामला खुलने की उम्मीद है।
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मुहल्ले वालों ने पुलिस को बताया है कि एक रिक्शे वाले ने ही बच्ची के साथ घिनौनी हरकत की है। शव को वह रिक्शे की सीट के नीचे रखकर घूमता रहा। मौका मिलने पर सीओडी नर्सरी के जंगल में फेंककर फरार हो गया। इस पर पुलिस ने रिक्शा चालकों कल्लू, पोपट, डैनी को मुख्य संदिग्ध मानकर उठा लिया है। इसमें से डैनी का रिक्शा गायब है। पुलिस रिक्शा तलाश रही है।

एसएसपी का मानना है कि बच्ची से दरिंदगी करने वाला कोई करीबी है। बच्ची किसी अनजान व्यक्ति के साथ नहीं जा सकती थी। छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं बाबूपुरवा सीओ ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि बच्ची का शव मिलने के बाद मुहल्ले का कल्लू घर से गायब हो गया था। कल्लू ने बच्ची की बड़ी बहन से रेप की कोशिश की थी।
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इस मामले में 8 दिसंबर 2014 को बाबूपुरवा पुलिस ने कल्लू को जेल भेजा था। वह 22 दिसंबर को जेल से रिहा हुआ था। इसके बाद से मुहल्ले में रह रहा था। घटना के बाद वह गायब हो गया था। पुलिस ने उसे ढूंढ़ लिया है। पूछताछ की जा रही है। उधर चर्चा यह भी है कि पुलिस ने एक शख्स को शनिवार को पकड़ा था। पुलिस की जीप में बैठाया पर संदिग्ध पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।

बच्ची के पोस्टमार्टम से पता चला है कि उसके साथ दरिंदगी की गई थी। दरिंदे ने बलात्कार के साथ कुकर्म भी किया था। बचने के लिए बच्ची ने काफी संघर्ष किया था। ऐसा उसके नाखून में फंसे मिले बाल और शरीर पर खरोंचों के निशान से प्रतीत हुआ है। मासूम की हत्या हाथ से गला दबाकर की गई थी। डॉक्टरों के पैनल ने बच्ची की स्लाइड बनाई है। डीएनए जांच के लिए नाखून में फंसे बाल और डस्ट सुरक्षित रखा है। इसे फोरेंसिक लैब लखनऊ भेजा जाएगा।
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