रूरा। नगर के पुराने अंडरपास में बीते रविवार से जलभराव है। राहगीर अंडरपास तक जाते हैं। मगर जलमग्न अंडरपास देखकर उन्हें मायूस लौटना पड़ता है। ओवरब्रिज से करीब डेढ़ किमी. का चक्कर लग रहा है।
नगर में आरओबी निर्माण के दौरान करीब पांच साल लोगों ने आवागमन में परेशानी उठाई। अब आरओबी बन गया है। मगर अंडरपास जलमग्न होने से फिर से आवागमन की दुश्वारी हो रही है। पुराने अंडरपास के रास्ते शास्त्री नगर, रामनगर, डेरापुर रोड व भटौली के अलावा दुर्गा मंदिर की ओर स्टेशन वार्ड, कमलानगर व रामलीला गली आदि जगह सुगम आवागमन हो रहा था। सरकारी अस्पताल, बैंक, थाना व डाकघर तक आवागमन की सुविधा थी।
डीएफसीसी ने कार्यअवधि पूरी बताकर अंडरपास में भरा गंदा पानी निकालने से हाथ खींच लिए हैं। सेतु निगम का पैदल राहगीरों के लिए सीढ़ी बनाने का काम अधूरा है। मगर जलनिकासी प्रबंध के लिए सेतु निगम आगे नहीं आ रहा है। इससे अंडरपास जलमग्न है। पैदल राहगीर जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार कर रहे हैं। आरओबी से पैदल आवाजाही में समय व लंबी दूरी की दिक्कत है। सेतु निगम की ओर से सीढि़यां तैयार नहीं कराई जा सकी हैं। राहगीर अंडरपास से दूसरी ओर जाने के लिए आते हैं। मगर रास्ता जलमग्न देखकर वाहन सवार मायूस होकर लौटते हैं। नगर के निशांत सिंह, आलोक शुक्ला, शशिकांत द्विवेदी आदि ने बताया कि अभी डाकघर के पास पैदल राहगीरों के लिए सीढ़ी नहीं बनी है। बुजुर्गों को लाइन पार जाने के लिए डेढ़ किमी चक्कर काट कर जाना पड़ता है।
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वर्जन......
अंडरपास को वैकल्पिक रास्ते के तौर पर तैयार किया गया था। आरओबी बनने के बाद डीएफसीसी की जिम्मेदारी पूरी हो गई है। जनता की समस्या के मद्देनजर गंदा पानी निकास की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन को लेनी चाहिए। अंडरपास पर जलमार्ग पुल पर अतिक्रमण निषिद्ध की सूचना रेलवे ने लिखवाई है। - लाल जी आनंद, डिप्टी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर डीएफसीसी
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रूरा का पुराना अंडरपास रेलवे में 314 नंबर पुलिया के रूप में दर्ज है। इस तरह की पुलिया रेलवे ट्रैक पर पानी न भरे इसके लिए बनाई जाती है। इससे बारिश में पानी दूसरी ओर निकल जाता है। बारिश के बाद लोग इसे आवागमन के लिए प्रयोग करते हैं। बारिश की शुरुआत होने पर रेलवे की ओर से जलमार्ग पुल पर अतिक्रमण निषिद्ध की सूचना लिखी गई है। - अमित सिंह, जनसंपर्क अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे
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भूमिगत केबल फाल्ट हुआ तो गुल होगी आधे नगर की बिजली
रूरा। नगर के पुराने अंडरपास के नीचे से 11 केवी बिजली लाइन केबल निकली है। इससे दूसरी ओर की करीब तीन हजार से अधिक घरों को बिजली आपूर्ति होती है। अंडरपास मार्ग में जलभराव है। ऐसे में बिजली केबल पानी में डूबी है। केबल फाल्ट होने पर आधे नगर की बिजली गुल हो जाएगी। जलमग्न अंडरपास में 11 केवी केबल का फाल्ट ठीक नहीं हो सकेगा तो मुश्किल होगी। लोगों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग के तौर पर अंडरपास में सुधार किए गए थे। तब 11 केवी केबल को दोनों ओर फर्श पर लोहे के पाइप से गुजारा गया है। यह हिस्सा जलमग्न है। केबल में फाल्ट हुआ तो मरम्मत मुश्किल होगी। (संवाद)