‘आज की राजनीति चहारदीवारी में सिमट गई है, कोई किसी का बेटा है तो कोई किसी का भाई। कोई बहू है तो कोई किसी का पोता। इस कारण कर्मठ और जुझारू कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। लेकिन अब यह नहीं होगा। अब योग्यता, कर्मठता और विवेक के आधार पर कार्यकर्ताओं को दर्जा दिया जाएगा।
ये बातें सांसद वरुण गांधी ने शुक्रवार को कहीं। वे वीएसएसडी कॉलेज में ‘स्वामी विवेकानंद एवं आधुनिक युवा’ विषयक सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कनपुरियों के प्यार ने दिल जीत लिया है। इनकी गूंज में इतना जोश है कि मुर्दों में जान फूंक दे।
कहा कि देश में स्वास्थ्य और शिक्षा पर महज चार प्रतिशत धन खर्च किया जा रहा है जबकि यूरोप, सऊदी में 35 प्रतिशत धन खर्च किया जा रहा है। सीएम का नाम लिए बिना ही उन्होंने प्रदेश सरकार पर जमकर कटाक्ष किया। कहा कि प्रदेश में पैसे का बोलबाला है।
मास्टर हो या चपरासी, डाक्टर हो या कंपाउंडर, दरोगा हो या सिपाही बिना पैसा दिए किसी को तैनाती नहीं मिल सकती। ये हालात हैं तो देश का भविष्य कैसे बन सकता है। वो मास्टर जो स्वयं ककहरा नहीं जानता बच्चों को क्या पढ़ाएगा। जिसने अहंकार पाल लिया उसके बुरे दिन शुरू हो जाते हैं।
उन्होंने क्रििमनल और दागी नेताओं को वोट न देने की अपील की। कालेज प्राचार्य एएस भटनागर ने सांसद वरुण गांधी का स्वागत किया।