कानपुर। बीसीसीआई के घरेलू क्रिकेट सत्र की शुरुआत दलीप ट्रॉफी से हो चुकी है। अब 11 अक्तूबर से शुरू होने वाली रणजी ट्रॉफी के लिए उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) ने घरेलू मुकाबलों के आयोजन स्थलों की कवायद तेज कर दी है। ग्रीनपार्क में प्रस्तावित निर्माण कार्य और कमला क्लब की लीज समाप्त होने के कारण इस बार रणजी के तीन मुकाबलों के बाद अन्य घरेलू मुकाबले यहां नहीं हो सकेंगे। यूपीसीए लखनऊ के इकाना स्टेडियम के बाद वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम को भी घरेलू सत्र के लिए शामिल कर सकता है।
यूपीसीए को रणजी ट्रॉफी के अलावा कर्नल सीके नायडू अंडर-23 और कूच बिहार ट्रॉफी अंडर-19 के भी तीन-तीन घरेलू मुकाबलों के लिए मैदान तय करने हैं। इन मैचों की मेजबानी के लिए लखनऊ के इकाना स्टेडियम के साथ वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम को देने पर मंथन चल रहा है। इस पर जल्द ही हरी झंडी मिल सकती है। स्टेडियम तैयार होने के बाद पिच और आउटफील्ड की तेजी समेत अन्य व्यवस्थाओं को परखने के लिए भी यह मुकाबले करवाए जाएंगे। यूपीसीए की नजर अब पहले चरण के मुकाबलों के लिए वैकल्पिक मैदान तय करने पर है।
अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी मल्टी डे या कूच विहार ट्रॉफी के घरेलू मुकाबलों की मेजबानी मिलेगी। इसलिए भी यूपीसीए वाराणसी के नए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को मुकाबले की तैयारी है। साथ ही 2027 में होने वाले वुमंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के मुकाबलों की मेजबानी और स्टेडियम का उद्घाटन करवाया जा सकता है। वाराणसी के इस स्टेडियम में आगामी विश्वकप के मुकाबले भी बीसीसीआई और यूपीसीए मिलकर करवाने की तैयारी में हैं।