जो प्लेटफार्म आते ही खुल जाते हैं। ट्रेन रुकी तो सभी दरवाजे खुल गए, मगर एग्जीक्यूटिव कोच (E1) के दरवाजे फंस गए।जब यात्रियों को लगा कि दरवाजा फंस गया है और अन्य कोच के दरवाजे भी दो मिनट बाद बंद हो जाएंगे तो उन्होंने सामान उठाकर बगल वाले कोच में जाने के लिए दौड़ना शुरु कर दिया।
दूसरे कोच के दरवाजे से यात्री चढ़े और उतरे। हालांकि इस समस्या का आभास रेलवे को नहीं हुआ और ट्रेन नियत समय पर ही इलाहाबाद के लिए रवाना हो गई। इस संबंध में रेलवे के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने ऐसी किसी जानकारी से इंकार कर दिया। रेल सूत्रों के मुताबिक ऐसा कई बार हो चुका है, जब दरवाजा इस तरह से फंसने की वजह से नहीं खुले हों।