गैंगस्टर विकास दुबे का एनकाउंटर कर क्या पुलिस ने सही किया। यह सवाल यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) में 243वीं रैंक हासिल करने वाले उत्कर्ष सिंह से इंटरव्यू में पूछा गया। उत्कर्ष ने जवाब दिया कि मामले की अभी जांच चल रही है तो पैनल में बैठे अफसरों ने उनसे पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में स्पष्ट जवाब देने को कहा।
उत्कर्ष ने कहा कि उनकी नजर में एनकाउंटर करना ठीक नहीं था। पुलिस को कानून के हिसाब से आगे बढ़ना चाहिए था। बर्रा दो निवासी उत्कर्ष ने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि साक्षात्कार में काफी उलझाने वाले प्रश्न पूछे जाते हैं। अभ्यर्थी के ज्ञान का नहीं पर्सनैलिटी का टेस्ट लिया जाता है।
उत्कर्ष ने सॉफ्टवेयर डेवलपर की 12 लाख सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी की। उन्होंने 10वीं पूर्णचंद्र विद्या निकेतन और 12वीं डॉक्टर सोनेलाल पटेल स्कूल से की। फिर आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया और एक साल निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर रहे। पिता पीसी कनौजिया झांसी पीएनबी बैंक में सीनियर हैं। 2017 में मां कुंती देवी का निधन हो गया था।