बरौर। विकास खंड मलासा के डीघ स्थित राजकीय बीज भंडार कार्यालय परिसर में गुरुवार को कृषि गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें कृषि वैज्ञानिक ओमनारायण पाल ने किसानों को कम लागत में बेहतर खेती करने की जानकारी दी। कहा अच्छी फसल के लिए वर्मी कंपोस्ट व गोबर की खाद का करें प्रयोग
गोष्ठी में उन्होंने कहा कि गेहूं बोआई की उपयुक्त अवधि 15 दिसंबर तक है। 15 दिसंबर के बाद गेहूं खेती करने पर उपज कम हो जाएगी। गेहूं फसल की न्यूनतम तीन बार सिंचाई करना अनिवार्य है। बताया कि जरूरत पड़ने पर पांच सिंचाई तक कर सकते हैं। प्रथम सिंचाई फसल लगाने के 21वें दिन निश्चित रूप से कर लेना है। प्रथम सिंचाई में थोड़ा भी बिलंब करने पर उपज घट सकती है।
बताया कि 15 दिसंबर के बाद मक्का की खेती कर सकते हैं। जुताई के समय खेत में वर्मी कंपोस्ट या गोबर खाद ही डालें। कृषकों को जैविक खेती पर जोर देने की जरूरत है। जबकि जैविक खेती करने से उपज ज्यादा होती है और गुणवत्ता भी बेहतर होती है। जमीन की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी। गोष्ठी की अध्यक्षता किसान जयकरन सचान ने की। ज्ञानेंद्र सचान, बीज गोदाम प्रभारी सौरभ रावत, सहायक तकनीकी प्रबंधक रामलखन साहू, यश कुमार, सुमित कुमार, जैनेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, रामपाल आदि मौजूद रहे।