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स्वास्थ्य मंत्री के वादे के बाद भी उर्सला को नहीं मिली सीटी स्कैन मशीन, कोविड रोगियों के लिए सबसे जरूरी है जांच

Sun, 16 May 2021 12:58 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पूरे देश में कोविड की तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे वक्त में जब कोरोना रोगियों की जान बचाने के लिए फेफड़ों का सीटी स्कैन बहुत जरूरी है, कानपुर के मंडलीय चिकित्सालय उर्सला में सीटी स्कैन मशीन नहीं है। पुरानी मशीन कंडम हो गई है।
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कानपुर उर्सला हॉस्पिटल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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ऐसे वक्त में जब कोरोना रोगियों की जान बचाने के लिए फेफड़ों का सीटी स्कैन बहुत जरूरी है और कोविड की तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है, कानपुर के मंडलीय चिकित्सालय उर्सला में सीटी स्कैन मशीन नहीं है। पुरानी मशीन कंडम हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री के वादे के बाद भी नई मशीन का प्रस्ताव फाइलों में धूल खा रहा है।
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सीटी जांच की सुविधा न होने से रोगी निजी डायग्नोस्टिक्स सेंटरों में लुट रहे हैं। कोरोना की पहली लहर में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह करीब सवा साल पहले यहां आए थे। उर्सला के प्रशासनिक भवन के सामने उनसे बताया गया था कि अस्पताल की पुरानी मशीन कंडम हो गई है।

इस पर उन्होंने नई सीटी स्कैन मशीन के लिए अस्पताल प्रबंधन से प्रस्ताव भेजने को कहा था। किस योजना के तहत मशीन लेनी है, यह भी लखनऊ से साथ आए अफसरों को बता दिया। उसके बाद उर्सला प्रबंधन ने प्रस्ताव भेज दिया। प्रस्ताव के बाद सवा साल में तीन रिमाइंडर भी भेजे जा चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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प्रबंधन ने मंडलायुक्त और डीएम को भी अवगत कराया। अधिकारियों ने कोशिश की लेकिन फाइल में दबा सीटी स्कैन का प्रस्ताव बाहर नहीं निकल पाया। कांशीराम अस्पताल में सीटी स्कैन की व्यवस्था तो है लेकिन कोरोना पॉजिटिव होने पर ही जांच होती है। इस वक्त सबसे ज्यादा जरूरत उन लोगों को है जो निगेटिव होने के बाद गंभीर हो रहे हैं। 

नॉन कोविड को भी होती सीटी जांच की जरूरत
उर्सला नॉनकोविड अस्पताल है। इसके अलावा पोस्ट कोविड रोगियों का भी इलाज चल रहा है। ज्यादातर रोगियों को सांस की दिक्कत होती है। सीटी स्कैन की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा लिवर, न्यूरो और दूसरे मर्ज के रोगियों को सीटी इसकी जरूरत होती है।

पुरानी सीटी स्कैन मशीन कंडम हो गई है। नई के लिए प्रस्ताव भेजा गय है। उसके साथ ही तीन बार रिमाइंडर भी भेजा गया। अभी तक नई मशीन आई नहीं।

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डॉ. अनिल निगम, सीएमएस उर्सला

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