कानपुर देहात/रसूलाबाद। जिले में खाद की कालाबाजारी की कलई अफसरों के सत्यापन में खुलकर सामने आ रही है। रिटेलर ने किसान को सिर्फ दस बोरी खाद दी, लेकिन उसके नाम पर रजिस्टर में 143 बोरी चढ़ा दी। शनिवार को एसडीएम जांच करने पहुंची मामले का भंडाफोड़ हुआ। उन्होंने दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति जिला कृषि अधिकारी को भेजी है। अमर उजाला ने सिर्फ 20 किसानों द्वारा 2742 यूरिया बैग खरीदने का मुद्दा 22 अगस्त को उठाया था।
शनिवार को एसडीएम रसूलाबाद अंजू वर्मा मामले की जांच करने पहुंची। बताया कि इकघरा में खाद की दुकान का निरीक्षण किया गया। खाद विक्रेता नरेश पर किसानों के अंगूठा लगाकर खाद की कालाबाजारी का आरोप है। रजिस्टर में पाया गया कि खाद विक्रेता ने एक ही किसान को 143 बैग यूरिया बेचने का जिक्र किया था।
किसान से बात की गई तो दो बोरी मौके पर मिली। किसान ने सिर्फ दस बोरी ही खाद लेने की बात बताई। विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला कृषि अधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है।
जांच में कई खुलासे की संभावना
जिले में खाद किल्लत मेें शुरुआत से ही कालाबाजारी की बात सामने आ रही थी। अफसरों ने आंकड़े खंगाले तो सिर्फ बीस किसानों द्वारा 2742 बैग यूरिया लेने की बात सामने आई। डीएम ने जांच शुरू कराई। शनिवार को रसूलाबाद में किसान के सिर्फ दस बैग यूरिया लेने व दुकानदार द्वारा 143 बैग चढ़ाने का खुलासा होने पर अन्य दुकानदारों पर भी शक की सुई गहरा गई है। सबसे अधिक सिकंदरा तहसील क्षेत्र में दो दुकानदारों ने दस किसानों को 1317 बैग यूरिया बेची है। जबकि अकबरपुर में आठ किसानों को 1142 बैग यूरिया बिक्री किए गए हैं।