फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहरियों ने खूब बचाया धन

Tue, 19 Jan 2016 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
भविष्य को लेकर बचत की मंशा से शहरियों ने खूब पैसा बचाया। डाकघर और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) में छोटी बचत में पिछले तीन साल से बढ़ोतरी आई है।
विज्ञापन


चालू वित्तीय वर्ष में दिसंबर माह तक शहरियों ने 236.27 करोड़ रुपये की बचत की है। सहायक निदेशक बचत विमल गौतम का कहना है कि यह अच्छे संकेत है। इससे जाहिर हो रहा है कि बचत में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

इस साल अब तक
डाकघर की कैश बुक और बैंकों से सहायक निदेशक बचत को उपलब्ध कराए गए बचत के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष 2015-16 में दिसंबर तक 1556.58 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। 1320.31 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। शुद्ध बचत 236.27 करोड़ रुपये रही। अभी इस वित्तीय वर्ष में चार माह बाकी है।
विज्ञापन


सहायक निदेशक बचत विमल गौतम का कहना है कि वित्तीय वर्ष के आखिरी महीनों में डाकघर और पीपीएफ में ज्यादा निवेश होता है। इसलिए पिछले वित्तीय वर्ष की अपेक्षा इस साल बचत और बढ़ने की उम्मीद है।

पीपीएफ में निवेश मतलब ज्यादा फायदा
सहायक निदेशक बचत दफ्तर की सलाह है कि पीपीएफ (लोक भविष्य निधि खाता) में निवेश का मतलब ज्यादा फायदा है। इसमें 8.7 फीसदी वार्षिक ब्याज है। जीपीएफ, ईपीएफ, सीपीएफ खाताधारक भी 15 वर्षीय पीपीएफ खाता खोल सकते हैं। एक साल में न्यूनतम राशि पांच सौ रुपये और अधिकतम डेढ़ लाख रुपये की राशि एकमुश्त या 12 किश्तों में जमा कर सकते हैं।
विज्ञापन


खाता मुख्य डाकघरों, उप डाकघरों, एसबीआई और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों में खोले जा सकते हैं। 15 साल के बाद एक साल केअंदर पांच-पांच साल के लिए खाता बढ़वा सकते हैं। इस खाते पर मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स नहीं देना होता है। खाता खोलने के तीसरे साल से कर्ज और सातवें साल से निकासी की सुविधा है। इस खाते में जमा राशि कुर्क नहीं की जा सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें