यूपीएससी परीक्षा में सफल अक्षिता त्रिवेदी
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पालीवाल नगर निवासी अधिवक्ता प्रदीप त्रिवेदी की बेटी अक्षिता त्रिवेदी ने यूपीएससी 2024 की परीक्षा में 394 रैंक हासिल की है। इस सफलता से उन्होंने परिजनों संग जिले का गौरव बढ़ाया है। मंगलवार को स्थानीय लोगों ने उनके घर पहुंच पिता व मां को मुंह मीठा कराकर बधाई दी। अक्षिता का परिवार मूल रूप से नजदीक के गांव सरांय गढ़ेवा निवासी है। मां मीरा देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। वह शुरुआत से पढ़ाई में मेधावी रहीं। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में उन्होंने स्कूल टॉप किया था। अब उनकी सफलता पर परिवार फूले नहीं समां रहा है। मां मीरा देवी, पिता व भाई अभिनव त्रिवेदी की खुशी का ठिकाना नहीं है। भाई अभिनव ने बताया कि बहन अक्षिता दिल्ली में हैं। मंगलवार को परिणाम आने के बाद फोन पर बात हुई है। पिता ने कड़ी मेहनत और लगातार तैयारी करने को सफलता की वजह बताया।
बताया कि बेटी की प्राइमरी शिक्षा सरस्वती ज्ञान मंदिर भटौली में हुई। इसके बाद माती स्थित केंद्रीय विद्यालय से 2013 में हाईस्कूल व 2015 में इंटरमीडिएट किया है। झांसी के बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से बीटेक किया। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी बेटी ने घर पर रहकर की है। दो माह पहले ही इंटरव्यू के लिए दिल्ली में तैयारी करने गई थी। इधर अक्षिता के यूपीएससी में सफल होने की जानकारी मिली तो स्थानीय लोग पालीवाल नगर स्थित घर पहुंचे और माला पहनाकर परिजनों का मुंह मीठा कराया। बधाई देने वालों में नगर पंचायत अध्यक्ष रामजी गुप्ता, जिलापंचायत सदस्य बउआ त्रिवेदी, शिवल पांडेय, सुरेश कुमार, महेश मुनीमजी आदि रहे।
दो बार मिली असफलता पर हार नहीं मानी
अक्षिता त्रिवेदी तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में सफल हुई हैं। दो बार बेहद कम अंक से वह अंतिम सूची में स्थान नहीं बना पायी। मगर हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत से तैयारी जारी रखी। फोन से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि पहले बार दो नंबर तो दूसरी एक नंबर से वह चयन में चूक गई। दो बार असफलता मिली पर हार नहीं मानी। परिजनों ने हौसला बढ़ाया। तैयारी में कहीं कुछ कमी रह गई यह मान कर फिर से तैयारी में लग गई। हर दिन छह घंटे लगातार पढ़ाई की। मॉडल पेपर हल किए। नोटस भी बनाए जो काफी मददगार रहे। मंगलवार को परिणाम आया जिसमें 394वीं रैंक मिली है।
शोभन सरकार ने दिया था आशीर्वाद
बेटी की सफलता पर प्रदीप त्रिवेदी ने बताया कि वर्ष 2013 में बेटी ने हाईस्कूल में विद्यालय टॉप किया तो वह अपने गुरु शोभन सरकार के पास बेटी को ले गए थे। शोभन सरकार ने गरी व मिश्री प्रसाद देकर बेटी को देश की सबसे बड़ी परीक्षा पास करने का आशीर्वाद दिया था। तभी से बेटी को बड़ा अफसर बनते देखना चाहता था। शोभन सरकार के आशीर्वाद से बेटी ने यह कर दिखाया। अक्षिता की मां कहतीं हैं कि घर के बाहरी हिस्से में एक कमरा है। अक्षिता ने इसी कमरे में पढ़ाई की है। बनीपारा गांव निवासी मामा जगदीश नारायण पांडेय ने बताया कि बहन के घर आने पर भांजी कमरे में पढ़ाई करते ही मिलती थी।